Uttar Pradesh

धान की खेती के साथ भी कर सकते है मत्स्य पालन: मो. अवसार आलम

प्रयागराज डीडी कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का छाया चित्र
प्रयागराज डीडी कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का छाया चित्र

नई तकनीकी के प्रयोग कर मत्स्य पालक मजबूत करें आर्थिक स्थिति: विजय पाल

प्रयागराज,23 मार्च (Udaipur Kiran) । मत्स्य पालक किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए जापानी मॉडल को अपना छोटे स्थान पर मछली पालन कर सकते हैं। इसके अलावा धान की खेती के साथ भी मछली पालन करने से दोहरा लाभ मिलेगा। यह जानकारी रविवार को मत्स्य विभाग प्रयागराज के मण्डलीय कार्यालय में एक दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीएआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद अवसार आलम ने दी।

उन्होंने मत्स्य पालकों से कहा कि मछली कारोबार से जुड़े किसानों को अपने आय व व्यय का हिसाब रखने की आदत डालनी पड़ेगी, तभी आप को लाभ एवं हानि की जानकारी हो पाएगी। खेती कोई भी हो, किसान को व्यावसायिक तरह से खेती करने की आदत डालनी पड़ेगी तभी किसान आगे बढ़ पाएगा। मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन का कार्य पूरी तरह से व्यापारी बनके ही अपनी आय बढ़ाया जा सकता है।

तालाबों में मछली पालन के साथ अन्य खेती भी किसान कर सकते हैं। सरकार ने मछली कारोबारियों समेत सभी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। जिसका लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। अब किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकी का प्रयोग करना ही फायदेमंद है।

इस मौके पर उप निदेशक मत्स्य प्रयागराज विजय पाल ने मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को केन्द्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अपील किया कि आय में वृद्धि तथा स्व रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आधारभूत संरचनाए, अंतर्देशीय मत्स्य पालन, मछुआरों का कल्याण एवं नई तकनीकी आधारित परियोजनाओं को प्रयोग करने के लिए अपील किया।

उन्होंने बताया कि वित्तीय सहायता के रूप में महिला व अनुसूचित जाति/जनजाति को 60 प्रतिशत तथा अन्य वर्ग को 40 प्रतिशत का अनुदान सरकार उपलब्ध करा रही है। निजी भूमि पर तालाब निर्माण एवं प्रथम वर्ष निवेश, मध्य मत्स्य आहार मिल 8 टन प्रतिदिन क्षमता, निजी भूमि पर तालाब निर्माण खारा जल एवं वृहद मत्स्य आहार मिल 20 टन प्रतिदिन क्षमता प्रथम वर्ष का निवेश, इसके साथ ही मत्स्य बीज हैचरी निर्माण, मत्स्य आहार प्लांट, पेन संवर्धन, निवेश सहित इसके साथ ही मोबाइल लैब, क्लीनिक की स्थापना समेत कई योजनाए सरकार चला रही है।

मत्स्य निरीक्षक प्रयागराज प्रदीप कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि एक दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के सभी मत्स्य जीवी सहकारी समितियों के अध्यक्ष, सचिव, एवं उनके सदस्य, नाविक, मछुआरे, शामिल हुए। उन्होंने बताया कि प्रयागराज जनपद में इस वित्तीय वर्ष में 14 मत्स्य जीवी सहकारी समितियों का गठन कराया गया है।

इस मौके पर उपनिदेशक मत्स्य विभाग प्रयागराज विजय पाल, अपर शासकीय अधिकारी मिस्बाहर रब, किसान कृषि केन्द्र डॉ. मुकेश प्रेम मसीह, सेवानिवृत्त वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक आलोक सिन्हा, कार्यकारी प्रभारी अधिकारी मत्स्य विभाग प्रयागराज मत्स्य निरीक्षक प्रदीप कुमार एवं विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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(Udaipur Kiran) / रामबहादुर पाल

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