Haryana

यमुनानगर: कर्मचारी भविष्य निधि पेंशनर्स ने जिला सचिवालय पर किया प्रदर्शन

प्रदर्शन करते ईपीएस 95 के पेंशनर्स

यमुनानगर, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन धारकों ने ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले साेमवार काे अपनी पेंशन बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया व जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

अनाज मंडी जगाधरी के गेट पर सोमवार को बड़ी संख्या में इकठ्ठा हुए पेंशनर्स ने कहा कि देश भर के 78 लाख पेंशनर्स पिछले नौ वर्षों से अपनी न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7500 रूपये करने, महंगाई भत्ते से जोड़ने, वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन के लाभ और चिकित्सा सुविधा जैसी मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्री के आश्वासन के बाद कई बड़े आंदोलन स्थगित किए गए। जबकि महाराष्ट्र के बुढलाना में राष्ट्रीय संघर्ष समिति के मुख्यालय पर 2018 से क्रमिक अनशन जारी है।

पेंशनर्स का कहना है कि श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया का ईपीएफ-95 की हमारी मांगों पर उनका साकारात्मक रुख है। इसके बावजूद भी राष्ट्रीय संघर्ष समिति के द्वारा सीबीटी की बैठक बुलाकर 1000 रूपये अतिरिक्त बढ़ाकर 7500 रूपये पेंशन करने का प्रस्ताव अभी तक सीबीटी की बैठक कराकर करवाने का प्रस्ताव नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि वास्तविक वेतन के उच्च पेंशन लाभ के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के दो वर्ष पूर्व के आदेश के बावजूद भी बिना किसी भेदभाव के सभी पेंशनर्स को उच्च पेंशन का लाभ देकर सही मायने में न्याय प्रदान करने के स्थान पर ट्रस्ट के नियम में संशोधन जैसे की नियम व छूट प्राप्त संस्थानों द्वारा निरीक्षण फीस आदि कारणों को सामने लाकर तथा प्राप्त आवेदनों में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर निरस्त/नियोक्ता को वापस कर पेंशनर को उच्च पेंशन का लाभ प्रदान करने से वंचित किया जा रहा है। जिसके कारण ईपीएस-95 पेंशनर्स में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रति भारी आक्रोश है। उन्होंने ने कहा कि हमारी 7500 रूपये न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ते, पति-पत्नी की चिकित्सा सुविधा व उच्च पेंशन के लाभ से वंचित करने के विरोध में सभी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय पर पूरे देश में आज धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो दिल्ली सहित पूरे देश में एक विशाल आंदोलन पर विवश होना पड़ेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

(Udaipur Kiran) / अवतार सिंह चुग

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