
पटना, 28 फरवरी (Udaipur Kiran) ।
उप मुख्यमंत्री-सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने आज विधानमंडल में बजट सत्र के पहले दिन सदन के पटल पर बिहार का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। दोपहर आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार दोहरे अंक में प्रगति कर रहा है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2011-12 पर आधारित गणना के अनुसार सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के सबसे हाल के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान मूल्य पर बिहार की अर्थव्यवस्था 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ रुपये से 3.5 गुणा बढ़कर 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है।
उप मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2023-24 के लिए बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्तमान मूल्य पर 8,54,429 करोड़ रुपये और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 4,64,540 करोड़ रुपये होना का अनुमान है। राज्य में 2011-12 के स्थिर मूल्य पर सकल राज्यगत मूल्यवर्धन (जीएसवीए) में तृतीयक क्षेत्र का 58.6 प्रतिशत योगदान अनुमानित है। जिसके बाद द्वितीयक क्षेत्र का 21.5 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र का 19.9 प्रतिशत योगदान है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि 2023-24 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद में वर्तमान मूल्य पर 14.5 प्रतिशत की और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 9.2 प्रतिशत की वृद्धि होना अनुमानित है। 2023-24 में गत वर्ष की तुलना में प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद के वर्तमान मूल्य पर 12.8 प्रतिशत बढ़कर 66,828 रुपये और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 7.6 प्रतिशत बढ़कर 36,333 रुपये पहुंच जाने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा 35, 000 करोड़ हुआ
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि वित्तवर्ष 2023-24 में राज्य सरकार का कुल व्यय 2,52,082 करोड़ था, वर्ष 2023-24 में हुए कुल व्यय में योजना व्यय 1,01,835 करोड़ रुपये था जबकि कुल स्थापना एवं समर्पित व्यय 1,50,247 करोड़ था। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य सरकार के राजस्व और पूंजीगत, दोनों लेखों में वृद्धि हुई लेकिन पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय तेज वृद्धि हुई है। इस अवधि में राजस्व व्यय 1.5 गुना बढ़ा जबकि पूंजीगत व्यय 3.1 गुना बढ़ गया। राज्य सरकार द्वारा किए गए कुल व्यय के प्रतिशत में पूंजीगत व्यय का हिस्सा 2019-20 के 14 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 24 प्रतिशत हो गया। सम्राट चौधरी ने कहा कि, राजकोषीय घाटा पहले 44, 000 करोड़ था, जो घटकर 35, 000 करोड़ हो गया है और वर्तमान वित्तीय वर्ष में और घटेगा।
—————
(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी
