Jharkhand

ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, दो की मौत

-रोते-बिलखते परिजन

दुमका, 21 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के चंपागढ़ में शुक्रवार को सरिया(छड़) लेकर जा रहे ट्रैक्टर के अनियंत्रित होकर पलट जाने से दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। मृत मजदूरों की पहचान सरैयाहाट थाना क्षेत्र के जीतलाल टुडू (16) और महेश हांसदा (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।

मिली जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर गादीझोपा निवासी धीरू चौधरी (हीरा चौधरी) के दुकान से सरिया(छड़) लेकर चंपागढ़ के रास्ते सरैयाहाट जा रहा था। इसी दौरान अचानक चंपागढ़ के समीप ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गया। ट्रैक्टर के अचानक पलटने की वजह से दोनों मजदूर दब गए। हो हल्ला होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंच कर दोनों को बाहर निकाला लेकिन तबतक दबने की वजह से दोनों ने दम तोड़ दिया था।

घटना की जानकारी मिलते ही सरैयाहाट थाना प्रभारी ताराचंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान मृतक के परिजनों की ओर से ट्रैक्टर मालिक को बुलाने की मांग को लेकर पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। हालांकि थाना प्रभारी ने परिजनों को समझा बुझा कर शांत कराया और शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर और सरिया(छड़) को उठाकर सुरक्षित थाना ले गयी। ट्रैक्टर में नंबर अंकित न होने की वजह से पुलिस उसके चेचिस और इंजन नंबर के जरिए उसके ओरिजनल ऑनर का पता लगा रही हैं।

महज सोलह वर्ष का था मृतक जीतलाल

एक तरफ सरकार बाल मजदूरी की रोकथाम के लिए लगातार काम कर रही है। लेकिन इन सब के बावजूद बाल मजदूरी रुकने का नाम नहीं ले रही। मृतक मजदूर जीतलाल की उम्र महज सोलह वर्ष का था। पांच भाई बहनों में वह सबसे छोटा था। जीतलाल के भाई ने बताया कि गरीबी की वजह से उसका भाई छोटी उम्र में ही मजदूरी करने लगा था। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि ट्रैक्टरों में खुलेआम कैसे छोटे उम्र के बच्चों से इतना काम लिया जा रहा है।

परिवार का था इकलौता बेटा, दो वर्ष पूर्व हुई थी शादी

हादसे में जान गवाने वाला दूसरा मजदूर सरैयाहाट से सटे झारखंड बिहार के बॉडर स्थित पंचरुखी गांव निवासी महेश हांसदा अपने माता पिता का एकलौता बेटा था। दो वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर सरैयाहाट थाना पहुंची उसकी मां और पत्नी उसके शव को देख बार बार बेसुध हो रही थी। मौके पर पहुंचे परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया था।

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(Udaipur Kiran) / नीरज कुमार

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