जयपुर, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार काे विभिन्न क्षेत्रों में प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी देने तथा पार्टी के
दो माह तक चलने वाले संविधान रक्षक अभियान में भागीदारी के लिए प्रभारी के
रूप में दायित्व देकर कार्य आवंटन पर चर्चा की गई। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी उपस्थित रहे।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सभी पदाधिकारियों से एकजुट होकर पार्टी की मजबूती के लिये कार्य करने का आह्वान किया तथा कहा कि यदि सब मिलकर एकरूपता के साथ कार्य करेंगे तो प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के साथ भाजपा की जनविरोधी सरकार का सामना करते हुये प्रदेश की जनता को राहत दिला पायेंगे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार काे प्रदेश के दौरे पर आए। उनसे प्रदेश को बहुत उम्मीदें थीं। जिस प्रकार भाजपा के नेता, मंत्री प्रदेशभर में प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश के लिये सौगातों का पिटारा खोलने की घोषणा का प्रचार कर रहे थे, उसके उलट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश के लिये कोई सौगात नहीं देकर निराश किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने असत्य तथ्य अपने भाषण में कहे। वे हनुमानगढ़, चूरू आदि जिलों में नर्मदा का पानी पिलाने की बात कह रहे हैं जबकि नर्मदा का पानी केवल जालाेर और उसके आस-पास के कुछ क्षेत्रों में ही पेयजल के रूप में मिला है। प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री और डबल इंजन की राजस्थान सरकार से प्रश्र कर रही है कि ईआरसीपी को पीकेसी तो कर दिया लेकिन 90 प्रतिशत केन्द्र का अंशदान देकर राष्ट्रीय परियोजना घोषित क्यों नहीं किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राजस्थान में पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की बात कही, किन्तु चुनाव में प्रधानमंत्री ने प्रदेश की जनता से हरियाणा में पेट्रोल-डीजल की कीमत के बराबर राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमत करने का वादा किया था, किन्तु आज भी हरियाणा के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल-डीजल का मूल्य 11 रुपये से अधिक ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान में अपने दो दौरों में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का वादा प्रदेश की जनता से किया था और आज तो हद हो गई जब इंदिरा गॉंधी नहर परियोजना से जो पानी शेखावाटी में आ रहा है जिसे कुम्भा लिफ्ट कैनाल के नाम से स्थानीय लोग पुकारते हैं, इस परियोजना पर 2008-2013 में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने खेतड़ी क्षेत्र में पानी पहुॅंचाने का कार्य किया था, सुजानगढ़ को पानी मिला, लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक हजार करोड़ की परियोजना बनी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में विधानसभा क्षेत्र नीमकाथाना, उदयपुरवाटी, खण्डेला सहित आठ विधानसभा क्षेत्रों के लिये पानी पहुंचाने की परियोजना बनी और इस परियोजना के लिये 8700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हो गई तथा 8 जुलाई 2022 को स्वीकृति का निर्णय पारित हो गया था और वित्तीय स्वीकृति भी जारी होने के साथ सभी वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित हो गये थे। आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज इन कार्यों के बारे में बताने की बजाए नर्मदा का पानी पहुंचने का जिक्र कर रहे हैं जो कि गलत तथ्य है।
डोटासरा ने कहा कि मोदी ने कहा कि पहले पेपर लीक होते थे और अब पेपर लीक नहीं हो रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार के शासन में पेपर ही नहीं हो रहे हैं। प्रधानमंत्री और भाजपा की सरकार भर्तियां निकलने की बात कह रही है जबकि वास्तविकता यह है कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती अभी 10 दिन पहले निकाली है जो भी अधिकतर संविदा पर रखने की निकाली है। उन्होंने कहा कि 6000 भी नौकरियां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य पदों पर नहीं निकाली गई। प्रधानमंत्री का यह स्तर रह गया कि कुछ सीटें विधानसभा उप चुनाव में जीतने का जिक्र कर रहे हैं जबकि लोकसभा चुनाव में 11 सीट हारने की चर्चा तक नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि 8782 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति कांग्रेस सरकार ने पेयजल योजना के लिये जारी की थी, उसे भाजपा की प्रदेश सरकार दुबारा बजट में शामिल कर अपनी बता रही है।
महासचिव एवं मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि 18 दिसम्बर को कांग्रेस पार्टी द्वारा उद्योगपति अडानी उनके साथियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच की मांग को लेकर तथा केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा संसद में चर्चा से बचने के लिए कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने एवं मणिपुर में जारी हिंसा के विरोध में प्रात: 11 बजे जयपुर स्थित शहीद स्मारक से राजभवन तक पैदल मार्च निकालकार विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा।
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(Udaipur Kiran) / रोहित