
कानपुर, 20मार्च (Udaipur Kiran) । ऐतिहासिक हटिया गंगा मेला कानपुर की सांस्कृतिक विरासत और जिंदा दिली का प्रतीक है और इसका हिस्सा बनना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह बातें गुरूवार को गंगा मेले के शुभारंभ के दौरान रज्जन बाबू पार्क में तिरंगा झंडा फहराते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कही।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह अकेली होली है जिसकी शुरूआत तिरंगा झंडा रोहण कर राष्ट्रगान के बाद होती हैं । कानपुर की इस खास होली का इतिहास 1942 में ब्रिटिश शासन से जुड़ा है, जब कानपुर के 47 क्रांतिकारियों को जेल में बंद किया गया था। अनुराधा नक्षत्र में मनाए जाने वाले ऐतिहासिक गंगा मेला कानपुर की सांस्कृतिक विरासत और जिंदा दिली का प्रतीक है, और इसका हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि किसी जिलाधिकारी ने ही 1942 में होली रूकवाई थी, जिलाधिकारी ही इसे खिलवाते रहे हैं ऐसी परंपरा रही है, साथ ही उन्होंने होली की जनपद वासियों को ऐतिहासिक गंगा मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। जिलाधिकारी के झंडाराेहण के बाद पूरे कानपुर में जबरदस्त हाेली खेली गई।
(Udaipur Kiran) / मो0 महमूद
