
दुमका, 26 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के रानीश्वर थाना की पुलिस ने बीते 18 मार्च को कारीकादर जंगल से बरामद व्यक्ति का दफनाया शव को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में खोद कर बुधवार को बाहर निकाला। मंगलवार की देर शाम को शव की शिनाख्त बिहार के भागलपुर जिले के जगदीशपुर निवासी बीरबल मंडल उर्फ वीरू (40 )के रूप में हुई। वह जगदीशपुर का जिला परिषद सदस्य रह चुका है। रानीश्वर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद 22 मार्च को विजयपुर में अंतिम संस्कार कर दिया था। बुधवार को जगदीशपुर थाना की पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर रानीश्वर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा की मौजूदगी में दफन शव को निकालकर परिजनों को सौंपा।
मृतक के भाई निर्मल मंडल ने बताया कि भाई कई बार वर्तमान जिप सदस्य शिवकुमार के साथ तारापीठ जाते रहता था। बीते 16 मार्च की सुबह वह शिवकुमार सहित चार लोगों के साथ स्कार्पियो से तारापीठ जाने के लिए निकला था। 17 मार्च की दोपहर भाई ने मोबाइल पर बात भी की थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। देर शाम तक वापस नहीं आने पर मृतक की पत्नी ने जगदीशपुर थाना में पति के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया। पुलिस अनुसंधान कर ही थी कि 18 मार्च को उसका रानीश्वर के जंगल में शव मिल गया। पुलिस ने तीन दिन तक परिजनों के आने का इंतजार किया। पहचान नहीं होने पर अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। रानीश्वर थाना प्रभारी बलराम सिंह ने दुमका के अलावा भागलपुर और बंगाल के थाना में मृतक की तस्वीर भेजकर शिनाख्त का प्रयास किया।
जगदीशपुर थाना की पुलिस ने तस्वीर को मृतक के घरवालों को दिखाई तो शव की पहचान हो गई। इसके बाद पुलिस ने स्कार्पियो चालक बीरबल को दबोचा तो उसने सारा सच उगल दिया। मंगलवार की शाम जगदीशपुर थाना के प्रभारी अभय शंकर दुमका पहुंचे और रानीश्वर पुलिस को सारी बात बताई। रात को पुलिस ने नगर परिषद के सफाई कर्मी को विजयपुर ले जाकर उस स्थान को देखा, जहां शव दफनाया गया था।
रानीश्वर और जगदीशपुर थाना की पुलिस ने बुधवार को प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी नेहा झा की अदालत में आवेदन देकर शव को कब्जे में लेकर परिजन को सौंपने का आवेदन दिया। अदालत ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि रानीश्वर बीडीओ सह दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव निकाला जाये। सूचना मिलते ही रानीश्वर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा दुमका पहुंचे और उनकी मौजूदगी में शव को कब्र से निकाला गया।
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(Udaipur Kiran) / नीरज कुमार
