HEADLINES

तेलंगाना टनल हादसाः प्रति मिनट पांच हजार लीटर पानी का बहाव राहत कार्यों में बन रहा बाधा

SLBC

हैदराबाद, 27 फरवरी (Udaipur Kiran) । तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में फंसे आठ लोगों की खोजबीन जारी है। बीते 22 फरवरी को हुए हादसे के बाद से सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, सिंगरेनी खदान, बीआरओ, एनजीआरआई, जीएसआई, एलएंडटी और अन्य विख्यात संगठनों की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।

सुरंग में प्रति मिनट पांच हजार लीटर पानी बह रहा है, जबकि सुरंग में भारी कीचड़ और पत्थर पहले ही साफ किए जा चुके हैं। पानी का बहाव राहत प्रयासों में एक गंभीर बाधा बन गया है। ऐसे में मजदूरों के हित की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। सरकार उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। गुरुवार से राहत प्रयास तेज करने का निर्णय लिया गया है। एनडीआरएफ रैथोल माइनर की टीमें सुरंग के कीचड़ में फंसी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के आसपास पहुंच गई हैं। बुधवार को लोकोट्रेन ट्रैक पर गैस कटिंग और मरम्मत का काम किया गया था।

वेंटिलेशन ट्यूब को ठीक करने का भी प्रयास किया गया। अत्यधिक रुके हुए पानी को पंप करने के लिए भारी मोटरों का उपयोग किया जा रहा है। सुरंग के अंदर और बाहर के इलाकों की समय-समय पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इससे वे राहत प्रयासों को सीधे देख सकेंगे और स्थिति का आकलन कर सकेंगे।

सीमावर्ती इलाकों में सेवारत सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल परीक्षित मेहरा के साथ पूर्व डीजी हरपालसिंह और पूर्व एडिशनल डीजी पुरुषोत्तम ने भी सुरंग का निरीक्षण किया। सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में काम करने का अनुभव है। उन्होंने दुर्घटनास्थल और वहां की मिट्टी की प्रकृति की जांच की और उठाए जाने वाले उपायों पर कई सुझाव दिए।

दूसरी ओर राज्य मंत्री उत्तमकुमार रेड्डी, कोमाटी रेड्डी वेंकट रेड्डी और स्थानीय विधायक अनिरुद्ध रेड्डी घटनास्थल सुरंग के निकट पहुंचे। सुरंग पर काम कर रहे जेपी ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष जयप्रकाश गौर विशेष हेलीकॉप्टर से उत्तर प्रदेश से डोमलापेंटा पहुंचे। बाद में मंत्रियों ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार, नगरकुर्नूल कलेक्टर संतोष, एसपी वैभव, एसपीडीसीएल के सीएमडी मुशर्रफ अली के साथ सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रैथोल माइनर्स और रॉबिन्सन के प्रतिनिधियों ने स्थिति की समीक्षा की। सुरंग की स्थिति, उठाए जाने वाले अतिरिक्त उपाय, उपयोग किए जाने वाले मानव संसाधन, मशीनरी, प्रौद्योगिकी और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने राहत उपाय तेज करने का आदेश दिया।

मीडिया से बातचीत में इस परियोजना के ठेकेदार जयप्रकाश एसोसिएट्स के अध्यक्ष गौर ने कहा कि सुरंग में दुर्घटनास्थल के पास एनडीआरएफ बल सुरक्षित लाने की कोशिश कर रहे हैं। महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अपने अनुभव में मैंने ऐसी छह घटनाएं देखी हैं। हम फंसे हुए लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आशा है कि वे सभी सुरक्षित वापस आ जाएंगे।

—————

(Udaipur Kiran) / नागराज राव

Most Popular

To Top