
नई दिल्ली, 26 मार्च (Udaipur Kiran) । सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के विधायकों, जजों और लोकसेवकों के हनी ट्रैप में फंसाने के मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ये याचिका राजनीतिक नॉनसेंस है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आप झारखंड के हैं। आपको झारखंड में क्या हो रहा है उससे क्या मतलब है। तब याचिकाकर्ता ने कहा कि जो आरोप हैं वे काफी गंभीर हैं और उनकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। तब कोर्ट ने कहा कि अगर आप हनी ट्रैप में फंसेंगे तो वो तो आपके लिए समस्या होगी ही।
सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता ने कहा कि कुछ जज भी हनी ट्रैप में फंसे हैं। तब जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि जजों को भूल जाइए , वे अपना ख्याल रख लेंगे। याचिका झारखंड निवासी बिनय कुमार सिंह ने दायर किया था। याचिका में इस मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग की गई थी। बता दें कि हाल ही में कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने आरोप लगाया था कि 48 लोगों को हनी ट्रैप का शिकार बनाया गया था और उनकी अश्लील वीडियो सर्कुलेट किए गए थे। इसमें सभी पार्टी के लोग थे।
(Udaipur Kiran) /संजय
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(Udaipur Kiran) / प्रभात मिश्रा
