
भागलपुर, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । जदयू छात्र नेताओं ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्र जनता दल यू छात्र हित में तिलकामांझी यूनिवर्सिटी के सीनेट हाल के सामने विकसित भारत युवा सांसद के नाम पर प्रतियोगिता में भेदभावपूर्ण मूल्यांकन का खुलासा करते हुए प्रदर्शन किया।
छात्र जदयू अध्यक्ष मोहम्मद एहसान उलराजा उर्फ़ डेविड ने कहा कि पिछले 20 और 21 मार्च को छात्र संवाद सीनेट हॉल में लगाया गया था। इसमें जितने अंक का मूल्यांकन किया गया है, वह संबंधित पदाधिकारी के भेदभाव के द्वारा किया गया है। विकसित भारत युवा संसद के कार्यक्रम को सही तरीके से उसका वीडियो देखकर मूल्यांकन किया जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि रिजल्ट बनाने वालों ने रिश्तेदार और पैरवी पैगाम वाले लोगों को ध्यान में रखकर रिजल्ट तैयार किया है। जो डिजर्विंग कैंडिडेट हैं, उनका चयन नहीं किया गया है ।यह पूर्ण रूपेण पढ़ने वाले छात्रों के मनोबल को तोड़ता है।
छात्र अध्यक्ष ने बताया कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में जो माइनॉरिटी कम्युनिटी से आते हैं या फिर बैकवर्ड कास्ट से आते हैं, उनके साथ ही यह भेदभाव किया जाता है। यह बिल्कुल सही नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इतना ही नहीं जो नेशनल तक अपना स्पीच देकर आई हुई है। उनका भी चयन नहीं हुआ ।जो समय अवधि को फुलफिल नहीं किए हैं उनका भी चयन नहीं किया गया। यह जांच का विषय है। हम लोगों को इंसाफ चाहिए। जो डिजर्विंग छात्र है उन्हें ही विधानसभा सत्र में भेजा जाए अन्यथा 28 मार्च को हमलोग धरना प्रदर्शन करेंगे जो ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन होगा।
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(Udaipur Kiran) / बिजय शंकर
