
कानपुर, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । यह आयोजन एक मजेदार और आकर्षक तरीके से खगोल विज्ञान में रुचि पैदा करने और परिसर समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम तथा एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध कार्यक्रम था। जिसने छात्रों की खगोल विज्ञान में रुचि विकसित करने में मदद की, जो एक आशाजनक कैरियर विकल्प भी है। यह बातें गुरुवार को एस्ट्रोनॉमी क्लब के समन्वयक सोहेल सैनी ने कही।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) के एस्ट्रोनॉमी क्लब ने क्लब की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में अपने वार्षिक प्रमुख कार्यक्रम एस्ट्रोवेंचर के दूसरे संस्करण की मेजबानी की। 1975 में अपनी स्थापना के बाद से पिछले 50 वर्षों में यह क्लब ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करता रहा है। 21 से 24 मार्च तक आयोजित एस्ट्रोवेंचर 2025 ने अंतरिक्ष प्रेमियों को आकर्षक कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और व्यावहारिक गतिविधियों से भरपूर एक गहन अनुभव के लिए मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत स्टेलारिस से हुई, जो सामान्य ज्ञान, रोमांच और अन्वेषण का एक गतिशील मिश्रण है। जो ब्रह्मांड के माध्यम से एक रोमांचक यात्रा के लिए माहौल तैयार करता है।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान की निदेशक प्रो. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने खगोल भौतिकी के भविष्य और इस क्षेत्र में अवसरों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन आईआईटी कानपुर हवाई पट्टी पर अवलोकन सत्र के साथ हुआ। जहां उपस्थित लोगों को खगोलीय आश्चर्यों को देखने का मौका मिला, जिससे उत्सव का शानदार समापन हुआ।
(Udaipur Kiran) / रोहित कश्यप
