ऊना, 22 मार्च (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मामले के चलते सुर्खियों में आए जिला ऊना के पेखूबेला स्थित 32 मैगावॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट में कार्यरत कामगारों ने वेतन न मिलने पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को करीब दो दर्जन कामगारों ने सोलर प्लांटर के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कामगारों ने चेताया है कि अगर उन्हें टाइम पर वेतन न दिया गया व अन्य मांगों को पूरा न किया गया तो आने वाले समय में गेट पर ताला जड़ दिया जाएगा। यहीं नहीं कामगारों ने उग्र प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
कामगारों जसवीर सिंह, बलबीर चंद, दिलबाग सिंह, शाम कुमार व अन्य ने कहा कि वह सोलर प्लांट में काम करते है। पिछले कुछ समय से इन्हें कंपनी के अंडर कर दिया गया है। अब कंपनी द्वारा इन्हें तीन माह से सैलरी नहीं दी जा रही है। अगर यह अपना वेतन मांगते है तो कंपनी प्रतिनिधि काम से निकालने की धमकियां दे रहे हैं। कामगारों ने कहा कि वेतन मिलने पर इन्हें अपने परिवार चलाना मुश्किल हो गया हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी की धक्काशाही किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि यहां स्थानीय लोगों की जमीन है। यहां स्थानीय लोगों को ही प्रताडि़त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा यहां काम कर रहे 20/22 चालक, सिक्योरिटी गार्ड, तकनीशियन व अन्य कामगारों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। तीन माह बीत चुके हैं, अभी वेतन नहीं मिला है। कोई कामगार जब कंपनी प्रतिनिधियों के पास जाकर वेतन मांगता है तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि इनकी धक्कीशाही सहन नहीं होगी। जरुरत पड़ी तो उग्र प्रदर्शन से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।
पेखूबेला में 49 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित पावर सोलर प्लांटर पर 220 करोड़ रुपए की लागत आई है। हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन द्वारा चार माह के रिकॉर्ड समय में ही इसे तैयार किया है। इसका उदघाटन मुख्यमंत्री द्वारा अप्रैल 2024 को ही किया था।
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(Udaipur Kiran) / विकास कौंडल
