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अयोध्या, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) । सीता राम विवाहोत्सव को दिन शुक्रवार को दिन ढलने के साथ कनक भवन, दशरथ महल बड़ास्थान ,जानकी महल, रंगमहल, हनुमत निवास, विअहुति भवन आदि प्रमुख मंदिरों से राम बरात ने प्रस्थान किया। दशरथ महल की बरात में किसी सामान्य बरात से कहीं अधिक शानो-शौकत से राम बरात की याद ताजा की जा रही है।
चक्रवर्ती महाराज दशरथ के राजमहल से विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों बैंड बाजों, हाथी, घोड़े के साथ दिव्य-भव्य, अलौकिक रथ पर बिन्दुगाद्याचार्य महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य के संयोजन में निकली राम बारात की अलौकिक छवि दिखाई दे रही थी।
राम नगरी में राम विवाह समारोह में देश के कोने-कोने से लोग शामिल हुए हैं। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ महल,कनक भवन, श्री राम वल्लभा कुंज, रंगमहल सहित कई मंदिरों से धूमधाम से निकली राम बारात लौटने के बाद यहां देर रात तक राम विवाह की धूम रहेगी । इस दौरान अयोध्या का कोना-कोना श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। बारात लौटने पर मधुर गीतों के बीच सीता राम विवाहोत्सव के आनंद में अयोध्या डूबी रही। श्रीराम व सीता के स्वरूप को मधुर व्यंजन खिला मिथिलानियों ने मधुर गलियां देकर श्रीराम के प्रति अपना अनुराग अर्पित किया।
रामकोट स्थित कनक भवन के संदर्भ में मान्यता है कि माता कौशल्या ने सीता जी को कनक भवन मुंह दिखाई में दिया था। आज सबसे पहले अपने निर्धारित समय पर कनक भवन से निकली बारात नगर भ्रमण के बाद वापस कनक भवन पहुंची। सभी बारात रथ पर निकली और बारात वापस अपने अपने मंदिर पहुंची,जहां धूमधाम से विधि पूर्वक राम सीता का विवाह संपन्न हुआ।
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(Udaipur Kiran) / पवन पाण्डेय
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