
कोलकाता, 18 मार्च (Udaipur Kiran) । पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह बजट सत्र के शेष दिनों में शामिल नहीं होंगे। उनका यह विरोध विधानसभा में उनके सहयोगी विधायक दीपक बर्मन के निलंबन के खिलाफ है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह बजट सत्र के दूसरे चरण के शेष दिनों का बहिष्कार करेंगे, जो 20 मार्च तक चलेगा। उन्होंने यह फैसला अलीपुरद्वार जिले की फालाकाटा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक दीपक बर्मन के निलंबन के खिलाफ विरोध जताने के लिए लिया है। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने 10 मार्च को उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था।
गौरतलब है कि इससे पहले, 17 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान, शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के तीन अन्य विधायक—अग्निमित्रा पॉल, बिश्वनाथ करक और बंकीम घोष—को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था। इस निलंबन की अवधि सोमवार को समाप्त हो गई, जिससे ये विधायक मंगलवार को सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकते थे।
हालांकि, 10 मार्च को स्पीकर ने भाजपा विधायकों शंकर घोष और मनोज कुमार उरांव को मार्शलों के जरिए सदन से बाहर निकलवाया और साथ ही दीपक बर्मन को निलंबित कर दिया।
इसी के विरोध में, शुभेंदु अधिकारी ने बजट सत्र के शेष दिनों में शामिल न होने का फैसला किया। विधानसभा गेट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार विधानसभा के प्रति अपनी जवाबदेही नहीं निभा रही है।
उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों को बार-बार सदन से निलंबित किया जा रहा है। जब हमें सदन के भीतर बोलने नहीं दिया जा रहा है, तो हमें बाहर जनता से संवाद करना पड़ रहा है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी हमारे विधायक सदन में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाते हैं, तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता।
(Udaipur Kiran) / ओम पराशर
