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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान को नए इलाकों तक बढ़ाया, अभी तक दो आतंकियों के शव मिले

कठुआ के जंगली इलाके में ड्रोन के जरिए दिखा एक और पुलिसकर्मी का शव, अब तक चार पुलिसकर्मी बलिदान, तीन आतंकी ढ़ेर

जम्मू, 29 मार्च (Udaipur Kiran) । जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग के कठुआ जिले के एक सुदूर जंगली इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चार दिन से चल रही

मुड़भेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान का दायर और बढ़ा दिया है। इसके आसपास नए इलाकों में भी तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। दोनों ओर से

हुई गोलीबारी के बाद शुक्रवार को चौथे पुलिसकर्मी के पार्थिव शरीर के साथ मारे गए दो आतंकवादियों के शव बरामद हुए थे।

अधिकारियों ने बताया कि हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह का पार्थिव शरीर राजबाग के घाटी जुथाना जंगल से बरामद किया गया और उसे जम्मू ले जाया गया है जहां पुलिस मुख्यालय गुलशन ग्राउंड के पास बलिदानी को श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादियों के शव भी बरामद किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इलाके में मुठभेड़ गुरुवार सुबह शुरू हुई और शुक्रवार को पूरे दिन जारी रही, जिसमें चार पुलिसकर्मी बलिदानी हो गए और हाल ही में घुसपैठ करने वाले दो आतंकवादी मारे गए जबकि आतंकवादी समूह के अन्य सदस्यों की तलाश शनिवार को तीसरे दिन भी जारी है। इससे पहले अधिकारियों ने मरने वाले आतंकवादियों की संख्या तीन बताई थी लेकिन पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने शुक्रवार देर शाम स्पष्ट किया कि मुठभेड़ में केवल दो आतंकवादी मारे गए हैं और चार पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। बलिदानी पुलिसकर्मियों में बलविंदर सिंह चिब, जसवंत सिंह, तारिक अहमद और हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह के पार्थिव शरीर कल शाम बरामद किए गए थे। डीजीपी की अगुवाई में जिला पुलिस लाइन कठुआ में श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर जवानों के परिवारों को सौंप दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबल मुठभेड़ स्थल की तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार कर दहशत खत्म करने के लिए बिलावर हाइट्स सहित आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि आज सुबह भी मुठभेड़ स्थल के पास गोलीबारी और विस्फोटों की तेज आवाजें सुनी गईं लेकिन बाद में यह स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद विरोधी रणनीति के तहत सुरक्षाबलों द्वारा जानबूझकर गोलीबारी की गई थी और विस्फोटक की आवाज बिखरे हुए विस्फोटक पदार्थों को नष्ट करने के कारण हुई थीं। सेना की राईजिंग स्टारकोर ने कहा कि 27 मार्च से लगातार चलाए जा रहे अभियान में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है और युद्ध जैसे सामान बरामद किए गए हैं। अभियान अभी जारी है।

डीजीपी नलिन प्रभात ने पुष्टि की कि यह आतंकवादियों का वही समूह था जिसे 23 मार्च की शाम को हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सानियाल गांव में रोका गया था लेकिन वह भागने में सफल रहे। उन्होंने संकल्प लिया कि उनका बल यह सुनिश्चित करेगा कि सभी आतंकवादी समूहों से उचित तरीके से निपटा जाए। कठुआ में श्रद्धांजलि समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि उनके नुकसान की भरपाई शब्दों से नहीं बल्कि कामों से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस का न तो इरादा कमजोर हुआ है और न ही हमारा लक्ष्य हमसे दूर है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है और इसलिए इरादा भी। जुनून की कोई कमी नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस देश की एकमात्र ऐसी पुलिस है जो अपनी बहादुरी और बलिदान से अपना इतिहास सुनहरे शब्दों में लिख रही है।

डीजीपी प्रभात ने कहा कि जब तक हमारे नापाक पड़ोसी (पाकिस्तान) और उसके (आतंकवादी) संगठनों से उचित तरीके से निपटा नहीं जाता तब तक हम न सोएंगे और न ही आराम करेंगे। यह युद्ध जारी है और जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए लेकिन जब पुलिस दल पहाड़ी पर चढ़ रहा था तो आतंकवादियों ने अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए चार जवानों की जान ले ली। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के छद्म संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट ने मुठभेड़ में शामिल होने का दावा किया है।

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(Udaipur Kiran) / बलवान सिंह

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