
जींद, 28 नवंबर (Udaipur Kiran) । जुलाना क्षेत्र के करसोला गांव के सरपंच को तालाब की जमीन पर चौपाल बनाने पर उपायुक्त ने निलंबित कर दिया। करसोला गांव निवासी सुमित कुमार ने शिकायत दी थी कि करसोला गांव के सरपंच ने तालाब की जमीन पर चौपाल बना दी और मिट्टी डाल कर तालाब को खत्म करने का प्रयास किया है। सरपंच ने जिस किल्ला नंबर पर ई-टेंडरिंग के तहत चौपाल का निर्माण करवाया है, वह जमीन तालाब की है।
नियम के अनुसार तालाब की जमीन पर कोई भी अन्य कार्य नही किया जा सकता है। 21 अक्टूबर को करसोला गांव के सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा 200 वर्ग गज में चौपाल का निर्माण करवाया गया है। जांच के लिए कमेटी नियुक्त की गई और रिपोर्ट बना कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर करसोला गांव के सरपंच को सस्पेंड किया गया।
करसोला गांव के सरपंच ने बताया कि पंचायती विभाग को सजरा भी दिया गया था। जिसमें पूरी जानकारी दी गई थी। प्रक्रिया पूरी होने पर ही 24 लाख 97 हजार के टेंडर लगाया गया था। चौपाल का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा ही हो गया था। गुरूवार को गांव करसोला सरपंच महेंद्र लाठर ने बताया कि गांव के खाली जमीन पड़ी थी उस स्थान पर चौपाल का निर्माण करवाया गया है। उन्हें नही पता था कि तालाब की जमीन है। पंचायती राज विभाग को नक्शा भी दिया गया था। उन्हें नही पता था कि तालाब की जमीन पर निर्माण कार्य नही करवाया जा सकता।
—————
(Udaipur Kiran) / विजेंद्र मराठा
