
अजमेर, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । राजस्थान लोक सेवा आयोग के संयुक्त कर्मचारी संघ एवं मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के आह्वान पर गुरुवार को कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में सामूहिक अवकाश पर जाने की भी चेतावनी दी है। वर्तमान में राजस्थान लोक सेवा आयोग कर्मचारियों पर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के काम का दबाव है और स्वयं आरपीएससी में विभिन्न राजपत्रित और अराजपत्रित संवर्गों के पद रिक्त पड़े हुए हैं।
संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाकर शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरपीएससी प्रशासन को पंद्रह दिन पूर्व ज्ञापन देकर आयोग में बढ़ते कार्य दबाव और कार्मिकों के अभाव से अवगत कराया गया था। उन्होंने बताया कि आयोग के कर्मचारी अपनी सेवाएं प्रतिबद्धता के साथ देने को कटिबद्ध हैं किन्तु उनकी मांगों को अनसुना किया जाना प्रशासन का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है इसलिए गुरुवार को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन आंदोलन शुरू किया है।
दयाकर शर्मा ने बताया कि यह पहला अवसर है जबकि आयोग ने 152 प्रतियोगी परीक्षाओं को 80 कार्यदिवसों में कराने का कैलेंडर जारी किया हुआ है। इसके विपरीत आयोग के राजपत्रित अधिकारियों के 32 और अराजपत्रित कर्मचारियों के 68 से अधिक पद रिक्त हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में 2 अप्रैल तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 3 व 4 अप्रैल को पेन डाउन हड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने फिर भी उन्हें अनसुना किया तो आगे सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल शुरू की जाएगी।
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(Udaipur Kiran) / संतोष
