पटना, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आज बताया कि मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में राजद सदस्यों द्वारा हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर सदन में आना उनके द्वारा बिहार की जनता को सब्ज-बाग दिखाने जैसा है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि टी-शर्ट पर उनके द्वारा तेजस्वी सरकार का जिक्र मिथ्या तथ्य एवं दंभ की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि अहंकार में ये लोग भूल गए कि बिहार में जाति आधारित गणना कराने का फैसला नीतीश कुमार के नेतृत्व में एन.डी.ए. की हुकूमत में ही लिया गया था। फिर जब गणना के आंकड़े आए तो आरक्षण की सीमा बढ़ाने का अधिनियम भी एन.डी.ए. की हुकूमत में ही हुआ। ये तो बीच में कुछ दिनों के लिए सरकार में आए थे।
मंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में आरक्षण सीमा बढ़ाने संबंधी कानून बनने के तत्काल बाद इसे नवीं अनुसूची में डालने के प्रयास शुरू कर दिए थे, परंतु इसी बीच पटना उच्च न्यायालय ने इस अधिनियम को ही निरस्त कर दिया। सरकार ने तत्काल उच्चतम न्यायालय में इस फैसले के विरुद्ध अपील दायर किया और आशान्वित है कि फैसला पक्ष में आएगा। उन्होंने कहा कि आज जब संबंधित कानून ही निरस्त है तो उसे नवीं अनुसूची में डालने की बात करना सिर्फ थोथी दलील है, जिसे जनता समझ रही है।
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(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी
