Uttrakhand

रीप परियोजना से आत्मनिर्भर बनी रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

रीना व्यावसायिक स्थल पर

हरिद्वार, 3 अप्रैल (Udaipur Kiran) । जनपद के लक्सर विकासखंड के अकौढ़ा कलां गांव की रहने वाली रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। रीना अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की इच्छा रखती थीं। पति की सीमित आय से घर चलाना मुश्किल था। जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया था। इसी बीच उन्हें रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट (रीप) ग्रामोत्थान परियोजना के बारे में जानकारी मिली। जिसने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।

रीना एनआरएलएम के तहत गठित हरियाली स्वयं सहायता समूह जो आदर्श सीएलएफ के अंतर्गत आता है, की सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने रीप परियोजना के सहयोग से अपने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को बढ़ाने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत रीना को 1 लाख रूपए की सहायता प्राप्त हुई। जिसमें उनका स्वयं का निवेश 20 हजार रूपए, 50 हजार रुपए का बैंक लोन और रीप परियोजना से मिली 30 हजार रूपए का अनुदान शामिल था। इस राशि से उन्होंने अपने ब्यूटी पार्लर का विस्तार किया। जरूरी उपकरण और सौंदर्य उत्पाद खरीदे। पहले उनका व्यवसाय छोटे स्तर पर था लेकिन अब वे इसे व्यवस्थित रूप से चला रही हैं। जिससे उनके ग्राहक की संख्या बढ़ी और वे 5 हजार से 10 हजार रूपए मासिक कमा रही हैं। ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय नियोजन और ग्राहक सेवा की जानकारी दी। जिससे वे अपने कार्य को सफलतापूर्वक चला रही हैं। रीना ने बताया कि ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उनके सपनों को साकार किया है और यह पहल भविष्य में कई अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेगी।

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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रीप परियोजना से आत्मनिर्भर बनी रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

रीना व्यावसायिक स्थल पर

हरिद्वार, 3 अप्रैल (Udaipur Kiran) । जनपद के लक्सर विकासखंड के अकौढ़ा कलां गांव की रहने वाली रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। रीना अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की इच्छा रखती थीं। पति की सीमित आय से घर चलाना मुश्किल था। जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया था। इसी बीच उन्हें रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट (रीप) ग्रामोत्थान परियोजना के बारे में जानकारी मिली। जिसने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।

रीना एनआरएलएम के तहत गठित हरियाली स्वयं सहायता समूह जो आदर्श सीएलएफ के अंतर्गत आता है, की सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने रीप परियोजना के सहयोग से अपने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को बढ़ाने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत रीना को 1 लाख रूपए की सहायता प्राप्त हुई। जिसमें उनका स्वयं का निवेश 20 हजार रूपए, 50 हजार रुपए का बैंक लोन और रीप परियोजना से मिली 30 हजार रूपए का अनुदान शामिल था। इस राशि से उन्होंने अपने ब्यूटी पार्लर का विस्तार किया। जरूरी उपकरण और सौंदर्य उत्पाद खरीदे। पहले उनका व्यवसाय छोटे स्तर पर था लेकिन अब वे इसे व्यवस्थित रूप से चला रही हैं। जिससे उनके ग्राहक की संख्या बढ़ी और वे 5 हजार से 10 हजार रूपए मासिक कमा रही हैं। ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय नियोजन और ग्राहक सेवा की जानकारी दी। जिससे वे अपने कार्य को सफलतापूर्वक चला रही हैं। रीना ने बताया कि ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उनके सपनों को साकार किया है और यह पहल भविष्य में कई अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेगी।

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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रीप परियोजना से आत्मनिर्भर बनी रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

रीना व्यावसायिक स्थल पर

हरिद्वार, 3 अप्रैल (Udaipur Kiran) । जनपद के लक्सर विकासखंड के अकौढ़ा कलां गांव की रहने वाली रीना अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। रीना अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की इच्छा रखती थीं। पति की सीमित आय से घर चलाना मुश्किल था। जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया था। इसी बीच उन्हें रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट (रीप) ग्रामोत्थान परियोजना के बारे में जानकारी मिली। जिसने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।

रीना एनआरएलएम के तहत गठित हरियाली स्वयं सहायता समूह जो आदर्श सीएलएफ के अंतर्गत आता है, की सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने रीप परियोजना के सहयोग से अपने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को बढ़ाने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत रीना को 1 लाख रूपए की सहायता प्राप्त हुई। जिसमें उनका स्वयं का निवेश 20 हजार रूपए, 50 हजार रुपए का बैंक लोन और रीप परियोजना से मिली 30 हजार रूपए का अनुदान शामिल था। इस राशि से उन्होंने अपने ब्यूटी पार्लर का विस्तार किया। जरूरी उपकरण और सौंदर्य उत्पाद खरीदे। पहले उनका व्यवसाय छोटे स्तर पर था लेकिन अब वे इसे व्यवस्थित रूप से चला रही हैं। जिससे उनके ग्राहक की संख्या बढ़ी और वे 5 हजार से 10 हजार रूपए मासिक कमा रही हैं। ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय नियोजन और ग्राहक सेवा की जानकारी दी। जिससे वे अपने कार्य को सफलतापूर्वक चला रही हैं। रीना ने बताया कि ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने उनके सपनों को साकार किया है और यह पहल भविष्य में कई अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेगी।

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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