Jammu & Kashmir

जम्मू-कश्मीर की राज्य की बहाली के लिए विरोध रैली निकाली

जम्मू-कश्मीर की राज्य की बहाली के लिए विरोध रैली निकाली

जम्मू, 19 मार्च (Udaipur Kiran) । मिशन स्टेटहुड के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने जम्मू-कश्मीर रियासत डोगरा राज्य की बहाली के साथ-साथ अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे की बहाली की मांग को लेकर विरोध रैली का नेतृत्व किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से जम्मू-कश्मीर के लोग, खासकर युवा, गरीबी, बेरोजगारी और बिगड़ती जीवन स्थितियों का सामना कर रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए डिंपल ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से चुनाव घोषणापत्र में राज्य के दर्जे और अनुच्छेद 370 की मांगों पर समझौता न करने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि मिशन स्टेटहुड अपना संघर्ष जारी रखेगा, यहां तक ​​कि अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर समानांतर सभा भी चलाएगा।

डिंपल ने चेतावनी दी कि जम्मू डोगरा अपनी पहचान, विलय के साधन और महाराजा हरि सिंह द्वारा अनुच्छेद 370 और 35-ए के तहत दिए गए अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने निर्वाचित सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा न होने के कारण मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी फैसले लेने के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने भाजपा विधायकों पर गैरजिम्मेदाराना तरीके से काम करने का आरोप लगाया और कहा कि वे कभी भी डोगरा राज्य की बहाली की मांग नहीं उठाते और विधानसभा सत्रों में अपरिपक्व व्यवहार करते हैं।

डिंपल ने तत्काल राज्य का दर्जा बहाल करने, बिजली बिल माफ करने, 200 मुफ्त बिजली यूनिट, दोगुना राशन, सभी नागरिकों के लिए 12 एलपीजी सिलेंडर और 1 अप्रैल से दरबार मूव को फिर से शुरू करने की भी मांग की। डिंपल ने आगे आरोप लगाया कि निरस्तीकरण के बाद जम्मू और कश्मीर में बड़ी बिक्री हो रही है, जिसमें 200 बाहरी निवेशकों को लाखों कनाल भूमि आवंटित की गई है जो क्षेत्र की जनसांख्यिकी के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जेडीए और आवास विभाग ने गैर-निवासियों को फ्लैट बेचे हैं जिससे इस जनसांख्यिकीय बदलाव को बढ़ावा मिला है। भाजपा पर ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह जम्मू-कश्मीर को लूटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के बाद बाहरी माफियाओं ने शराब और खनन कारोबार पर कब्जा कर लिया है जबकि बिजली परियोजनाएं बेच दी गईं और ऐतिहासिक दरबार मूव को रोक दिया गया। डिंपल ने मांग की कि एलजी मनोज सिन्हा और उमर अब्दुल्ला इस अप्रैल में दरबार मूव को तुरंत फिर से शुरू करें।

(Udaipur Kiran) / राहुल शर्मा

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