
-हाईकोर्ट ने इटावा जेल प्रशासन को दिया निर्देश-कुरान भी साथ रखने की अनुमति, जेल मैनुअल के अनुसार जारी रहेगी सुरक्षा
प्रयागराज, 21 मार्च (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा सेंट्रल जेल में बंद कैदी को रमजान के दौरान पांचों वक्त नमाज पढ़ने की इजाजत देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस दौरान कैदी को अपने साथ कुरान रखने की भी अनुमति दी जाए। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को कानून के हिसाब से सुरक्षा उपाय भी जारी रखने के लिए कहा है।
हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी की पत्नी उजमा आबिद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने दिया है।
उजमा आबिद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसका पति इटावा सेंट्रल जेल में बंद है। रमजान के दौरान जेल अधिकारी उसे पांचों वक्त की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। कुरान भी उससे ले ली गई है। कैदी 2005 में हुई हत्या के एक मामले में उम्र कैद की सजा भुगत रहा है।
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि जेल अधिकारी याची की शिकायतों का कानून के अनुसार निवारण करेंगे। कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि याची के पति को धार्मिक मान्यताओं को मानने की आजादी मिले और रमजान के दौरान वह पांच वक्त नमाज पढ़ सके। तथा उसे कुरान रखने की इजाजत दी जाए। इस दौरान जेल में कानून के अनुसार नियमित सुरक्षा उपाय भी जारी रखे जाएंगे।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
