Haryana

सरकारी मंजूरी के बगैर ही पंचायतें दे सकेंगी जमीन और मकानों के मालिकाना हक

-विधानसभा में बिल लाएगी सरकार

चंडीगढ़, 06 मार्च (Udaipur Kiran) । हरियाणा में अब शामलात जमीनों पर खेती करने वाले किसानों तथा पंचायती जमीनों पर मकान बनाकर रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने के लिए पंचायतें तथा विभाग के निदेशक स्वतंत्रत होंगे। इस संबंध में अब मंत्रिमंडल का दखल खत्म हो जाएगा। शुक्रवार से शुरू होने जा रहे बजट सत्र में सरकार द्वारा इस संबंध में बिल लाया जाएगा।

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार सदन में हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक-2025 पेश करेंगे। प्रदेश सरकार ने कलेक्टर द्वारा 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दी गई शामलात देह में स्थित भूमि को शामलात देह के दायरे से बाहर कर दिया है।

पूर्व में विधानसभा में पारित नियम के अनुसार 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात देह में स्थित भूमि या इस पर अनधिकृत रूप से निर्मित मकानों के मालिकों को मालिकाना हक देने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा अनुमोदित किए जाने वाले प्रत्येक मामले को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखना जरूरी है। चूंकि ऐसे प्रत्येक मामले मंत्रिमंडल की बैठक में रखे जाना मुश्किल है, इसलिए मालिकाना हक की पावर पंचायत विभाग के निदेशक को देने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा में विधेयक पारित होते ही नया नियम लागू हो जाएगा। कलेक्टर रेट या फिर बाजार मूल्य के आधार पर यह जमीन पट्टेदार किसानों या मकान बनाकर रह रहे लोगों के नाम की जाएगी।

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(Udaipur Kiran) शर्मा

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