
पूर्वी चंपारण,09 मार्च (Udaipur Kiran) । महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पं. मदन मोहन मालवीय वाणिज्य एवं प्रबंधन विज्ञान विद्यालय द्वारा वाणिज्य एवं प्रबंधन में भारतीय ज्ञान की खोज’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में भारत और विदेश के कई प्रतिष्ठित विद्वानों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सपना सुगंधा के स्वागत भाषण से हुआ। संगोष्ठी को ऑनलाइन संबोधित करते मुख्य अतिथि पंकज दुबे (सदस्य, नीति आयोग एवं संस्थापक, डीएसपीआईएन प्राइवेट लिमिटेड) ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्धि और उसके वाणिज्य एवं प्रबंधन में उपयोग की संभावनाओं पर निर्भर है। गेस्ट ऑफ ऑनर सिस्टर बीके विधात्री (राजयोग शिक्षिका, ब्रह्मकुमारी, दिल्ली), सुरेंद्र नाथ तिवारी (यूएसए), शिव कुमार सिंह (यूएसए) एवं डॉ. राज कुमार (यूएसए) ने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी को संबोधित करते विशेष अतिथि प्रो. प्रसून दत्ता सिंह (प्रॉक्टर, एमजीसीयू) ने भारतीय प्रबंधन सिद्धांतों और आधुनिक नवाचारों के समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान प्रणाली की अद्वितीयता और उसकी आधुनिक वाणिज्य एवं प्रबंधन पद्धतियों में उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी अंत में, प्रो. शिरीष मिश्रा (डीन, पं. मदन मोहन मालवीय वाणिज्य एवं प्रबंधन विज्ञान विद्यालय) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते संगोष्ठी को ज्ञान-विज्ञान के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बताया।उन्होने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ने परंपरा और नवाचार के समन्वय को नई दृष्टि प्रदान की है, जिससे शोधार्थियों और विशेषज्ञों को वाणिज्य एवं प्रबंधन के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान प्रणाली के महत्व को समझने का एक अनूठा अवसर मिला।
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(Udaipur Kiran) / आनंद कुमार
