Jharkhand

केबीपी में माइनिंग से पहले अधिकारियों ने चिह्नित की 30 एकड़ जमीन

केबीपी परियोजना में जमीन चिन्हित करने पहुंचे अधिकारी
जमीन चिह्नित करते अधिकारी

केबीपीएमएल कंपनी के प्रतिनिधि और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ काम

रामगढ़, 20 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र अंतर्गत कोतरे बसंतपुर पचमो (केबीपी) परियोजना के लिए अधिकारियों ने जमीन चिन्हित की है। इस क्षेत्र में वैसी सरकारी जमीन जो ग्रामीणों के कब्जे में है और उसकी जमाबंदी चल रही है। उसके लिए स्टेटमेंट-6 तैयार किया गया है। अपर समाहर्ता कुमारी गीतांजलि, एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी, एलआरडीसी दीप्ति कुजूर की मौजूदगी में जमीन चिन्हित करने का कार्य किया गया है। प्रथम चरण में 30 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।

अपर समाहर्ता कुमारी गीतांजलि ने बताया कि केबीपीएमएल कंपनी इस क्षेत्र में माइनिंग का कार्य शुरू करने जा रही है। उन्हें लगभग 1100 हेक्टेयर जमीन में अपना काम करना है। भूमि पूजन के बाद उन्हें उन जमीनों को भी चिन्हित कर उपलब्ध कराया जा रहा है। मांडू अंचल अधिकारी विमल कुमार सिंह के द्वारा स्टेटमेंट-6 तैयार कर जमीन के वास्तविक स्थिति के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों के टीम जब गांव में पहुंची तो वह सभी रैयत भी वहां मौजूद थे, जिनके नाम पर गैर मंजरुआ जमीन की जमाबंदी कायम थी। ग्रामीणों के साथ वार्ता कर सारी समस्याओं का हल करने का प्रयास किया जा रहा है।

30 एकड़ जमीन थी जंगल झाड़ी

अधिकारी जिस जमीन को चिह्नित करने गए थे, अंचल में उसके रिकॉर्ड जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज हैं। ग्रामीणों के द्वारा उस जंगल झाड़ी जमीन पर अपना कब्जा जमाया गया और उसकी जमाबंदी खुलवाई गई थी। इसी जमीन में मुआवजा और नौकरी के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने कंपनी को काम शुरू करने से रोका था। हालांकि अभी भी यह समस्या जारी है। इससे पहले भी लगभग 83 एकड़ जमीन चिन्हित कर उसका मुआवजा और नौकरी के व्यवधान को दूर कर दिया गया है। ग्रामीण अगर अपनी रजामंदी जताते हैं, तो कंपनी का काम भी यहां जल्द शुरू होगा। साथ ही क्षेत्र में विकास की एक नई किरण नजर आएगी।

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(Udaipur Kiran) / अमितेश प्रकाश

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