
पूर्णिया, 23 मार्च (Udaipur Kiran) ।
यह कार्यकर्ता सम्मेलन नही संकल्प सम्मेलन है।संकल्प गठबंधन का, संकल्प प्रतिबद्धता का ,संकल्प ईमानदारी का और संकल्प फिर से एक बार बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने का। लेकिन,दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि बीते लोकसभा चुनाव में प्रतिबद्धता और ईमानदारी सवालों के घेरे में रही। किसी की भावना को ठेस पहुंचाना मेरा मकसद नही है लेकिन सच नहीं बोलना भी गुनाह है। बड़े ही स्पष्ट रूप से और जिम्मेवारी के साथ कह रहा हूं कि लोकसभा चुनाव संतोष कुशवाहा हारा नही, हराया गया। अगर संतोष हारता तो यह फासला केवल 22 हजार का नही होता, यह फासला बड़ा होता। क्योंकि मेरे चुनावी रथ पर नरेंद्र मोदी जी और नीतीश जी का पताका लहरा रहा था। उक्त बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने रविवार को जिला स्कूल मैदान में एनडीए के एकदिवसीय जिला कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
कुशवाहा ने कि लोकसभा चुनाव में नोटा में इतने अधिक मत का गिरना ,मुझे पराजित करने की साजिश का हिस्सा था।कुछ लोगों को इस बात की चिंता थी कि अगर संतोष चुनाव नही हारा तो फिर उनका नम्बर कैसे आएगा।मेरे साथ रहकर गद्दारी करने वाले को मेरी हार मुबारक़।लेकिन, आपको नही पता कि आपने कैसे भस्मासुर को पूर्णियां में फिर से पैर जमाने का अवसर दे दिया है। आज एक वर्ष से कम समय मे ही लोग पश्चाताप कर रहे हैं।जब आग लगी है तो इसकी जद में सब कोई आएगा, यहां केवल मेरा मकान थोड़े है।
कुशवाहा ने कहा कि आप सबों से आग्रह होगा कि जो गलती लोकसभा चुनाव में हुई उसकी पुनरावृति इस विधानसभा चुनाव में नही हो।याद रहे , इतिहास खुद को इसलिए दुहराता है क्योंकि हम इतिहास से सबक नही लेते हैं।हम आज संकल्प लें कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व जिसे भी अपना उम्मीदवार बनाएगा उसे मिलकर हम जिताएंगे और माननीय नीतीश जी के नेतृत्व में सरकार बनाकर माननीय नरेंद्र मोदी जी के हाथों को मजबूत करेंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह, महानगर अध्यक्ष अविनाश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश कुमार, अविनाश कुशवाहा,राजू मंडल,सुबोध मेहता,उदय राय,राजेश राय आदि मौजूद थे।
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(Udaipur Kiran) / नंदकिशोर सिंह
