
धर्मशाला, 20 मार्च (Udaipur Kiran) । केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा जानवरों के प्रवेश, चलने व ढहरने की समस्या से निपटने के उपाय सुझाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नेे राष्ट्रीय राजमार्गों पर पायलट स्टडी शुरू की है। उन्होंने बताया कि इसके अन्तर्गत आवारा जानवरों के उपचार का स्कोप नहीं है हालांकि पैरा मेडिकल स्टाफ और पशु चिकित्सा का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने नितिन गडकरी ने राज्य सभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी के सवाल के जबाव में संसद में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस पायलट स्टडी के बाद राज्य सरकारों को आवारा जानवरों के राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रवेश को रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मन्त्रालय पशुओं की देखभाल के लिए कोई पशु केंद्र स्थापित नहीं करता क्योंकि यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की धारा 36 के अन्तर्गत पशुओं के राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रवेश, खड़े होने या चलने से रोकने की पूरी जिम्मेदारी पशु मालिकों की है।
(Udaipur Kiran) / सतिंदर धलारिया
