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दिल्ली दंगे की साजिश से जुड़े आरोपित खालिद सैफी की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 16 अप्रैल को

नई दिल्ली, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । दिल्ली दंगे की साजिश से जुड़े आरोपित खालिद सैफी ने कहा है कि इस बात के कोई पुख्ता तथ्य नहीं हैं उसने किसी आतंकी गतिविधि को अंजाम किया है या उसके लिए साजिश रची है। खालिद सैफी की ओर से पेश वकील रेबेका जॉन ने ये दलील दिल्ली हाई कोर्ट में खालिद सैफी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दी। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।

सुनवाई के दौरान रेबेका जॉन ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर आरोपित की उपस्थिति मात्र से यूएपीए लगाना कानून सम्मत नहीं है। जॉन ने कहा कि खालिद सैफी प्रदर्शन स्थल पर इसलिए गया कि उसने समझा की नागरिकता संशोधन कानून गलत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पिक एंड चूज की नीति अपनाई और व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाने वाले दो सदस्यों को आरोपित तक नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और गांधी पीस फाउंडेशन पर खालिद सैफी इसलिए गया क्योंकि वहां सभा और सेमिनार हो रहे थे, वो साजिश रचने की जगह नहीं थे।

खालिद के खिलाफ यूएपीए के तहत भी मामला दर्ज है। खालिद युनाइटेड अगेंस्ट हेट का संस्थापक है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपितों के खिलाफ यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज किया है उनमें उमर खालिद, इशरत जहां, खालिद सैफी, सफूरा जरगर, गुलफिशा फातिमा, नताशा नरवाल, देवांगन कलीता ताहिर हुसैन, आसिफ इकबाल तान्हा, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अख्तर खान और शरजील इमाम के नाम शामिल हैं।

(Udaipur Kiran) /संजय

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(Udaipur Kiran) / प्रभात मिश्रा

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दिल्ली दंगे की साजिश से जुड़े आरोपित खालिद सैफी की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 16 अप्रैल को

नई दिल्ली, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । दिल्ली दंगे की साजिश से जुड़े आरोपित खालिद सैफी ने कहा है कि इस बात के कोई पुख्ता तथ्य नहीं हैं उसने किसी आतंकी गतिविधि को अंजाम किया है या उसके लिए साजिश रची है। खालिद सैफी की ओर से पेश वकील रेबेका जॉन ने ये दलील दिल्ली हाई कोर्ट में खालिद सैफी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दी। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।

सुनवाई के दौरान रेबेका जॉन ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर आरोपित की उपस्थिति मात्र से यूएपीए लगाना कानून सम्मत नहीं है। जॉन ने कहा कि खालिद सैफी प्रदर्शन स्थल पर इसलिए गया कि उसने समझा की नागरिकता संशोधन कानून गलत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पिक एंड चूज की नीति अपनाई और व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाने वाले दो सदस्यों को आरोपित तक नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और गांधी पीस फाउंडेशन पर खालिद सैफी इसलिए गया क्योंकि वहां सभा और सेमिनार हो रहे थे, वो साजिश रचने की जगह नहीं थे।

खालिद के खिलाफ यूएपीए के तहत भी मामला दर्ज है। खालिद युनाइटेड अगेंस्ट हेट का संस्थापक है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपितों के खिलाफ यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज किया है उनमें उमर खालिद, इशरत जहां, खालिद सैफी, सफूरा जरगर, गुलफिशा फातिमा, नताशा नरवाल, देवांगन कलीता ताहिर हुसैन, आसिफ इकबाल तान्हा, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अख्तर खान और शरजील इमाम के नाम शामिल हैं।

(Udaipur Kiran) /संजय

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