जम्मू, 11 नवंबर (Udaipur Kiran) । जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) ने मंगलवार को जम्मू के शेर-ए-कश्मीर भवन में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जिसमें जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा बहाल करने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने और उनकी विशिष्ट पहचान और सम्मान को बहाल करने के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता जम्मू प्रांत के जेकेएनसी के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली पर बातचीत शुरू करने के उद्देश्य से विधानसभा में ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित करने के लिए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी की सराहना की और इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों को पुनः प्राप्त करने की यात्रा में मील का पत्थर बताया।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी मुख्य रूप से पधारे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा न करने के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि रियासत को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के भाजपा सरकार के फैसले ने जम्मू-कश्मीर से उसका विशेष दर्जा छीन लिया है। चौधरी ने राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा दोनों की बहाली के लिए एनसी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ये उपाय जम्मू-कश्मीर की पहचान को बनाए रखने और इसके लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
चौधरी ने कहा उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने पर बातचीत शुरू करने के लिए विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा एकतरफा निरस्तीकरण को उलटने की दिशा में एक कदम है जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए इस दर्जे के बिना खतरे में पड़ी जमीन, नौकरी और सम्मान को सुरक्षित करने की उम्मीद को फिर से जगाता है। चौधरी ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात सहित ग्यारह अन्य राज्यों द्वारा प्राप्त सुरक्षा के समान सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अपनी भूमि, नौकरी के अधिकार और संसाधनों को शराब और खनन माफिया जैसी शोषक ताकतों से बचाने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
इसी बीच खाद्य आपूर्ति और परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने कहा जम्मू क्षेत्र के लोगों ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के हमारे उद्देश्य का लगातार समर्थन किया है और हम इस प्रयास में दृढ़ हैं। उन्होंने कहा कि विशेष दर्जे की बहाली भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
(Udaipur Kiran) / राहुल शर्मा