मुंबई, 10 मार्च (हि.सं.)। गर्मी के मौसम और बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति को रोकने के लिए मुंबई महानगरपालिका ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। लोगों से इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मुंबई सहित राज्य के कुछ हिस्सों में तीव्र गर्मी पड़ रही है। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यह स्थिति 11 मार्च 2025 तक जारी रह सकती है। अप्रैल के महीनों में भी ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। गर्म हवाओं के लगातार आने तापमान में वृद्धि हुई है। आगामी दिनों में संभावित गर्मी और लू जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए मुंबईकरों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। मनपा आयुक्त भूषण गगरानी और अतिरिक्त मनपा आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अमित सैनी ने लोगों से गर्मी से बचने की अपील की है।
मुंबईकरों को लू से होने वाली गंभीर बीमारी या मृत्यु को रोकने के लिए बताया गया है कि यदि प्यास न भी लगी हो तो भी पर्याप्त पानी पिएं। हल्के मुलायम और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। धूप में बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मा, छाता, टोपी, जूते या चप्पल का उपयोग करें। यात्रा के समय अपने साथ पानी रखें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय (कोल्ड ड्रिंक) से बचें। अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों से बचें और बासी भोजन न खाएं। यदि आप बाहर काम कर रहे हैं तो टोपी या छाता का उपयोग करें। यदि संभव हो तो अपने सिर और चेहरे को किसी बड़े सूती कपड़े से ढक लें। अपने सिर, गर्दन, चेहरे और अंगों पर भी नम कपड़े का उपयोग करें। बच्चों या पालतू जानवरों को पार्क वाहनों में न छोड़ें। यदि आप कमज़ोरी या बीमार महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। घर में बने पेय पदार्थ जैसे ओ.आर.एस., लस्सी, तोरणी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी आदि नियमित रूप से पियें। पशुओं को छाया में रखें और उन्हें भरपूर पानी दें। घर को ठंडा रखें, पर्दे, शटर या सनशेड का प्रयोग करें और रात में खिड़कियां खुली रखें। पंखे का उपयोग करें, गीले कपड़े पहनें और बार-बार ठंडे पानी से स्नान करें।
हीट स्ट्रोक के उपचार
व्यक्ति को ठंडे स्थान पर, छाया में रखें। उसे गीले कपड़े से पोंछें/शरीर को बार-बार धोएं। सिर पर सामान्य तापमान का पानी डालें, ताकि शरीर का तापमान कम हो जाए। व्यक्ति को ‘ओआरएस’ पीने के लिए दें या नींबू पानी या जो भी शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करने के लिए उपयोगी हो, दें। व्यक्ति को तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। हमेशा ध्यान रखें कि हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है और इसके लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है।
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(Udaipur Kiran) / वी कुमार
