Uttar Pradesh

मां शृंगार गौरी का हुआ पूजन,बाबा विश्वनाथ को संतों ने सुनाई रामकथा

ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी और नंदी भगवान का पूजन करते संत
ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी और नंदी भगवान का पूजन करते संत

वाराणसी,21 मार्च (Udaipur Kiran) । ज्ञानवापी परिसर में स्थित प्रतीक्षारत नंदी भगवान और माता शृंगार गौरी का संतों ने शुक्रवार को विधि विधान से पूजन किया। इसके बाद परिसर में रामकथा की शुरुआत भी हुई। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने पत्रकारों को बताया कि 19 अप्रैल 1669 को मुगल सम्राट औरंगजेब ने काशी ज्ञानवापी मंदिर को तोड़वाया था। उसके बाद से आज तक काशी के वैदिक विद्वान और संत ज्ञानवापी परिसर में महादेव को रामकथा सुनाते रहे हैं। हालांकि इस कथा का समय माघ माह होता है। लेकिन इस बार प्रयागराज महाकुंभ के वजह से इसमें देरी हुई। होली के बाद इस रामकथा का आज शुरुआत हुई है।

9 दिवसीय राम कथा के पहले और अंतिम दिन मां शृंगार गौरी का पूजन होता है। भगवान नंदी का भी पूजन होता है। इस कथा की शुरुआत 400 साल से पहले हुई थी। देश की आजादी के बाद 67 सालों से परमिशन के साथ ज्ञानवापी में रामकथा का आयोजन लगातार हो रहा है। आज से इसकी शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि बाबा विश्वनाथ नौ दिन तक कथा सुनेंगे। इस कथा में परमिशन के साथ आतिशबाजी भी धाम में होती है। परिसर में माता शृंगार गौरी का भव्य मंदिर बने, इस संकल्प के साथ बाबा को कथा सुनाई जाती है।

स्वामी जितेन्द्रानंद ने बताया कि आज हमने विधि विधान से माता शृंगार गौरी,प्रतीक्षारत नंदी भगवान,बाबा विश्वनाथ का पूजन किया । एक सवाल के जबाब में स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा कि अब तो दूर से सभी शृंगार गौरी का पूजन कर सकते हैं। वर्ष में चैत्र नवरात्र के चौथे दिन माता शृंगार गौरी का दर्शन विभिन्न संगठनों के अलावा आमजन भी करते हैं। हम यही आशा करते हैं कि माता का नियमित दर्शन जल्द शुरू होगा ।

(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी

Most Popular

To Top