Uttrakhand

एकल शिक्षक के सहारे 180 से अधिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय

प्रतीकात्मक चित्र

रुद्रप्रयाग, 15 मार्च (Udaipur Kiran) । जनपद के 180 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से एकल शिक्षक तैनात हैं, जिससे पठन-पाठन में दिक्कत हो रही है। साथ ही छात्र संख्या पर भी असर पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विभाग से विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दूरस्थ राजकीय प्राथमिक विद्यालय तड़ाग, फलासी, स्वांरी, पौड़ीखाल, गहड़खाल, स्यूंणी, बैरांगणा, कांडई, जखोली ब्लॉक का राप्रावि नवदेव-आगर और ऊखीमठ ब्लॉक के गुप्तकाशी, गौरीकुंड सहित पूरे जनपद में 180 से अधिक विद्यालय लंबे समय से एकल शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं।

इन विद्यालयों में 25 से 40 तक छात्र संख्या है। साथ ही अन्य कई विद्यालय हैं, जहां 5 से 15 तक छात्र संख्या है। यहां एकल शिक्षक ही मीड-डे-मील सहित पठन-पाठन और अन्य शिक्षणेत्तर गतिविधियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में कई बार शिक्षक को विभागीय बैठक, कार्यशाला और प्रशिक्षणों में प्रतिभाग के लिए ब्लॉक व जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता व डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संपन्न सिंह नेगी, निवर्तमान ग्राम प्रधान बृजमोहन सिंह नेगी, शूरवीर सिंह कंडारी, यशवंत सिंह बैरवांण सहित अन्य का कहना है कि एक तरफ विभाग प्रतिवर्ष सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन करता आ रहा है।

वहीं, स्कूलों में मानकों के तहत पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है, जिस कारण नौनिहालों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अभिभावकों को मजबूरन अपने पाल्यों को अन्यत्र विद्यालयों में प्रवेश दिलाना पड़ रहा है। इधर, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक अजय सिंह चौधरी ने बताया कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती को लेकर सूची बनाकर निदेशालय को भेजी जा रही है।

(Udaipur Kiran) / दीप्ति

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