
जयपुर, 19 मार्च (Udaipur Kiran) । नगरीय विकास, राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को विधान सभा में कहा कि जयपुर शहर के स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों में किसी अधिकारी विशेष के प्रति शिकायत प्राप्त होने पर राज्य सरकार उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेगी।
शून्य काल के दौरान नगरीय विकास, राज्य मंत्री ने सदन के सदस्य बालमुकुंदाचार्य द्वारा ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाए गए प्रश्न पर जवाब देते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी का उद्देश्य भारतीय शहरों को स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संदर्भ में शिकायतों की जांच के लिए उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की और एमएनआईटी जयपुर के अलावा राज्य सरकार के पास तकनीकी रूप से उच्च स्तरीय जांच एजेंसी नहीं है। फिर भी राज्य सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए है कि जयपुर स्थित चौगान स्टेडियम तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के निर्माण की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कमी आने पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। साथ ही, जयपुर शहर में ड्रेनेज सिस्टम बनाने का प्रस्ताव भी डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है।
खर्रा ने कहा कि जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के द्वारा सभी स्मार्ट मिशन कार्यों की तकनीकी अधिकारियों, तकनीकी सलाहकार तथा संस्था के विशेषज्ञ अभियंताओं द्वारा गुणवतापूर्वक तकनीकी मापदण्डो के अनुसार जांच करवाई जाती है। साथ ही, इन निर्माण कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी. एमएनआईटी जयपुर एवं अन्य एनएबीएल स्वीकृत प्रयोगशालाओं से जांच कराये जाने के बाद ही नियमानुसार भुगतान किया जाता है।
नगरीय विकास, राज्य मंत्री ने कहा कि जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुये जन उपयोगी कार्य पूर्ण किये गये है जिनमें से कई कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है।
—————
(Udaipur Kiran) / अखिल
