Maharashtra

मामू-भांजे डोंगर, येउर में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदारी तय हो,विधायक केलकर

मुंबई,21मार्च (Udaipur Kiran) । ठाणे के विधायक संजय केलकर ने विधान सभा सत्र में तत्काल बेदखली की कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाया कि हजरत पीर मामू भांजे दरगाह ट्रस्ट के विस्तारित अनधिकृत निर्माण, जो भारतीय वायुसेना स्टेशन के लिए खतरा है, तथा येऊर में अनधिकृत निर्माण, जो पर्यावरण और वन्य जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा है, इनके खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए सरकार पर कौन दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि येउर में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदारी तय होना चाहिए।

आज ठाणे में विधायक संजय केलकर के कार्यालय से बताया गया कि बोरीवली के संजय गांधी अभयारण्य सीमा के भीतर हजरत पीर मामू भांजे दरगाह ट्रस्ट द्वारा अनधिकृत निर्माण के मुद्दे पर सत्र में बोलते हुए, विधायक संजय केलकर ने वन विभाग और मनपा प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है।

बताया जाता है कि ठाणे के पर्यटन स्थल येउर पहाड़ी पर मामू भांजे दरगाह ट्रस्ट ने पांच सौ पचास वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में अवैध निर्माण कर रखा है। वन विभाग ने 5 जुलाई 2023 को ट्रस्ट को आठ दिन के भीतर इन संरचनाओं को हटाने के लिए लिखित नोटिस जारी किया था। दिलचस्प बात यह है कि वायुसेना प्रशासन ने वन विभाग के ध्यान में लाया था कि यह व्यापक अनधिकृत निर्माण कार्य निकटवर्ती भारतीय वायुसेना स्टेशन के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। ठाणे के विधायक केलकर ने सदन का ध्यान इस ओर दिलाया कि कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा होने के बावजूद वन विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में बेदखली की कार्रवाई में कितने दिन लगेंगे।

सदन में केलकर ने कहा कि इस अनधिकृत निर्माण के साथ-साथ, येउर क्षेत्र में बंगले, होटल, ढाबे और लाउंज का अवैध रूप से निर्माण किया गया है, जिससे पर्यावरण और वन्य जीवन श्रृंखला को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि हर बार सत्र में इस पर चर्चा होती है, कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बीजेपी विधायक केलकर ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि हजरत पीर मामू भांजे दरगाह ट्रस्ट और येऊर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए उन पर कौन दबाव डाल रहा है।

इन सवालों पर वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा, केलकर ने कहा कि उठाया गया मामला सत्य है। हालांकि, नाइक ने सदन को बताया कि ट्रस्ट ने इस संबंध में याचिका दायर की है और कार्रवाई पर अंततः रोक लगा दी गई है। वन मंत्री नाइक ने स्पष्ट किया कि जिस दिन उच्च न्यायालय अपना फैसला सुनाएगा, उस दिन हम कार्रवाई पर निर्णय लेंगे। इस अवसर पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि येऊर में निजी भूमि पर अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी वन विभाग की नहीं, बल्कि ठाणे नगर निगम की है।

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(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा

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