
बीकानेर, 21 मार्च (Udaipur Kiran) । नेम प्रकाशन डेह द्वारा आयोजित राजस्थानी भाषा के सबसे बडे जलसे में राजस्थानी भाषा के उन्नयन के लिए संकल्पित उत्कृष्ट साहित्यकारों के उनके रचनात्मक योगदान के लिए उनकी कृतियों पर विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जायेगा।
राजस्थानी भाषा को समर्पित व्यक्तित्व पवन पहाङिया, लक्ष्मण दान कविया एवं राजस्थानी के उद्भट विद्वान डाॅ.गजादान चारण ने संयुक्त रूप से बताया कि इस वर्ष का स्व.कमला देवी-भंवर पृथ्वीराज साहित्य पुरस्कार हाङोती अंचल कोटा की मंजुकिशोर रश्मि की कृति थां सूं मिलतांई पर दिया जायेगा। ज्ञात रहे स्व. कमला देवी विप्लव के कवि मनुज देपावत की बहन थी। यह पुरस्कार स्व.कमला देवी के सुपुत्र एवं राजस्थान सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में सहायक निदेशक हिंगलाज दान रतनू तथा स्व.कमला देवी के पौत्र कुणाल रतनू द्वारा उनकी स्मृति को साहित्यिक क्षेत्र में अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए समर्पित है। कुंजल माता मंदिर प्रांगण डेह (नागौर) में 20 अप्रैल को नेम प्रकाशन के इस साहित्यिक जलसे में 30 विभूतियों को पुरस्कार साहित्य सम्मान समारोह पूर्वक हजारों की संख्या में उपस्थित राजस्थानी साहित्य प्रेमियों की उपस्थिती में एक गरिमामय समारोह में अर्पित किये जायेंगे। इन पुरस्कारों में एक लाख से लेकर ग्यारह हजार की सम्मान राशि के कुल तीस पुरस्कार है। स्व.कमला देवी स्मृति साहित्य पुरस्कार स्वरूप मंजुकिशोर रश्मि को ग्यारह हजार रुपये, शाॅल, अभिनंदन पत्र, हार, मौंमेंटो अर्पित किये जायेंगें।
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(Udaipur Kiran) / राजीव
