
जींद, 18 मार्च (Udaipur Kiran) । मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर श्रमिकों की मांगों को लेकर ज्ञापन तहसीलदार बलराम जाखड़ को सौंपा गया। इससे पहले संगठन सदस्यों ने रोष बैठक की।
जिला मंत्री विनोद शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में ईपीएस 95 के 75 लाख से अधिक पेंशनर को कोई राहत नही दी गई है। जिससे श्रमिक वर्ग में निराशा व्याप्त है। इस महंगाई के युग में एक हजार रुपये में जीवन निर्वाह करना कल्पना करना भी संभव नही´ है। प्रस्तुत बजट में देश और प्रदेश में कार्यरत स्कीम वर्कर जैसे आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, मिड डे मील के साथ-साथ मजदूर की भी उपेक्षा हुआई है। उन्होंने मांग की कि ईपीएस 95 की न्यूनतम पेंशन पांच हजार रुपये तत्काल की जाए। अंतिम तौर पर वेतन का 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता राहत पेंशन का भुगतान किया जाए। वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढा कर तीस हजार रुपये की जाए। स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन व सामाजिक सुरक्षा दी जाए। असंगठित क्षेत्र हेतु पर्याप्त धनराशि में उपलब्ध कराई जाए। इस ज्ञापन के अलावा एनएचएम कर्मचारियों के सरकार द्वारा 2018 में लागू किए गए सेवा नियम वापस लेने के विरोध में 23 मार्च को कुरुक्षेत्र में होने वाले मुख्यमंत्री आवास के विरोध प्रदर्शन की सूचना भी जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भेजी गई है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष सतबीर बूरा, कर्मवीर संधू, नंदकिशोर, विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।
(Udaipur Kiran) / विजेंद्र मराठा
