
नई दिल्ली, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । दिल्ली हाई कोर्ट ने 2019 के जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम के खिलाफ हिंसा और आगजनी समेत दूसरी धाराओं के तहत ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जस्टिस संजीव नरुला की बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
साकेत कोर्ट ने 7 मार्च को शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तान्हा समेत 11 आरोपितों के खिलाफ हिंसा और आगजनी समेत दूसरी धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। शरजील इमाम ने इसी आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
साकेत कोर्ट ने कहा था कि शरजील इमाम जामिया हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता है। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने न केवल हिंसा को उकसाया बल्कि उसने बड़ी साजिश रचने में किंगपिन की भूमिका निभाई। साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तान्हा के अलावा जिन आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया उनमें आशु खान, चंदन कुमार, अनल हुसैन, अनवर, युनूस, जुम्मन, राणा, मोहम्मद हारुन और मोहम्मद फुरकान शामिल हैं।
शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 को बिहार से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दाखिल चार्जशीट में कहा है कि शरजील इमाम ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने के लिए बेताब था और ऐसा करने की जी तोड़ कोशिश कर रहा था।
शरजील इमाम के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा गया कि शरजील इमाम ने केंद्र सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने और हिंसा भड़काने के लिए भाषण दिया था जिसकी वजह से दिसंबर 2019 में दिल्ली में हिंसा हुई। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में गहरी साजिश रची गई थी। इस कानून के खिलाफ मुस्लिम बहुल इलाकों में दुष्प्रचार किया गया। यह दुष्प्रचार किया गया कि मुस्लिमों की नागरिकता चली जाएगी और उन्हें डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा।
(Udaipur Kiran) / संजय
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(Udaipur Kiran) / वीरेन्द्र सिंह
