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जस्टिस यशवंत वर्मा के इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल

इलाहाबाद हाईकाेर्ट्

-स्थानांतरण की पुष्टि के बाद बार पदाधिकारियों ने बैठक में लिया निर्णय

प्रयागराज, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा का स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट किए जाने की सूचना मिलते ही यहां हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। देर शाम हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अनिल तिवारी के आवास पर पदाधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम द्वारा स्थानांतरण का निर्णय जब तक वापस नहीं लिया जाता है, तब तक यहां के अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।

दिल्ली में जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से करोड़ों रुपये मिलने के मामले में इससे पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट बार ने सोमवार को आहूत आम सभा की बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास किया कि जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से करोड़ों रुपये मिलने के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।

मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और जांच पूरी होने तक उनका किसी भी दूसरे हाइकोर्ट में स्थानांतरण न किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उनके खिलाफ महाभियोग लाने की सिफारिश भी करे। जजों की नियुक्ति में भाई भतीजावाद खत्म करने की मांग भी आम सभा में उठाई गई। मांग की गई कि जजों के परिवारों और रिश्तेदारों से जितने जज हैं, उनका स्थानांतरण दूसरे हाइकोर्ट में किया जाए। वकीलों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिक्त जजों के पदों को भी भरने की मांग की। आम सभा ने सोमवार को लंच के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पास किया।

बता दें कि, दो दिन पूर्व ही जस्टिस वर्मा के आवास से करोड़ों की नकदी मिलने और उनका स्थानांतरण वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट किए जाने की सूचना के बाद से यहां अधिवक्ता आंदोलित हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा के स्थानांतरण की तब पुष्टि नहीं की थी, लेकिन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इसका शुरू से विरोध कर रहा है।

अध्यक्ष अनिल तिवारी ने पहले ही कह दिया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट कोई कचरे का डब्बा नहीं है। भ्रष्टाचार के आरोपी जज को यहां स्वीकार नहीं किया जाएगा। सोमवार को आम सभा की बैठक के बाद अधिवक्ता आधे दिन की हड़ताल पर चले गए थे। शाम को जस्टिस वर्मा के स्थानांतरण की पुष्टि होने के बाद ही पुनः बैठक कर अनिश्चिकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी गई।

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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे

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