
—सभी मंडल और बस्तियों में होगा हिन्दू सम्मेलन,सामाजिक सद्भाव बैठक भी
वाराणसी,26 मार्च (Udaipur Kiran) । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) शताब्दी वर्ष और स्थापना दिवस विजयादशमी पर्व पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय देश के हर गांव, हर बस्ती में संपर्क अभियान अभियान पर जोर देगा । सभी मंडल और बस्तियों में हिन्दू सम्मेलन के साथ सामाजिक सद्भाव बैठक और सज्जन शक्तियों को एकजुट भी करने का निर्णय लिया गया है। विजयादशमी से इसकी शुरूआत होगी। यह जानकारी बुधवार को संघ के क्षेत्र कार्यवाह डॉ० वीरेन्द्र जायसवाल ने पत्रकारों को दी। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैंगलोर में आयोजित बैठक में भाग लेने के बाद क्षेत्र कार्यवाह ने बैठक में पारित प्रस्तावों और संगठनात्मक कार्यों को साझा किया।
संघ की होने वाली गतिविधियों और भावी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
संघ के 100 साल के गौरवशाली यात्रा को चार खंडों में बांट कर उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा ने बांग्लादेश के हिंदुओं पर किए जा रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता प्रकट की है। वहां की अंतरिम सरकार से इसे तत्काल रोकने तथा केंद्र सरकार से हर हाल में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक उपाय करने की मांग की है। देश के हिंदुओं से बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एक जुटता प्रदर्शित करते हुए उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े होने का भी प्रतिनिधि सभा ने आह्वान किया। डॉ वीरेन्द्र जायसवाल ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवक गणवेश में खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे। काशी प्रान्त में सवा लाख नये गणवेश बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान इसी माह से प्रारम्भ कर दिया जाएगा। संघ के काशी प्रान्त ने समरस और संगठित हिन्दू समाज के निर्माण का संकल्प लिया है।
प्रांत में संगठन का विस्तार
क्षेत्र कार्यवाह ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में काशी प्रांत में 138 शाखाएं बढ़ी है। पिछले वर्ष प्रांत में जहां 2713 शाखाएं थी वहीं इस वर्ष 2851 शाखाएं चल रही है। विद्यार्थी संयुक्त शाखा, महाविद्यालयीन, तरुण व्यवसायी, प्रौढ़, व्यवसायी एवं बाल शाखाओं में भी तेजी से वृद्धि हुई है। साप्ताहिक मिलन, संघ मंडली में भी प्रांत में वृद्धि हुई है जो संघ की समाज में बढ़ती लोकप्रियता का जीवन्त उदाहरण है।
—संगठित हिंदू समाज के निर्माण का संकल्प
क्षेत्र कार्यवाह ने बताया कि संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में विश्वशांति और समृद्धि के लिए समरस और संगठित हिंदू समाज के निर्माण का संकल्प लिया है। संकल्प में कहा गया कि अपनी प्राचीन संस्कृति एवं समृद्ध परम्पराओं के चलते सौहार्दपूर्ण विश्व का निर्माण करने के लिए भारत के पास अनुभव जनित ज्ञान उपलब्ध है। हमारा चिंतन विभेदकारी और आत्मघाती प्रवृत्तियों से मनुष्य को सुरक्षित रखते हुए चराचर जगत में एकत्व की भावना तथा शान्ति सुनिश्चित करता है।
—महाकुंभ, सामाजिक सुधार
संघ के प्रान्त प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने बताया कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान एक थाली-एक थैला अभियान से प्रदूषण मुक्त मेला क्षेत्र बनाने तथा उसके फलस्वरूप प्रतिदिन 3.5 करोड रुपए की बचत की भी चर्चा प्रतिनिधि सभा में हुई। इसके अतिरिक्त नेत्र कुंभ, बौद्ध लामा संतों, वंचित वर्ग से जुड़े संतों, घुमंतू जाति के संतों, नामधर संप्रदाय, नेपाल भूटान श्रीलंका से आए श्रद्धालुओं, वनवासी आदिवासी समूह द्वारा संघ के सहयोग से कुंभ स्नान एवं उनके द्वारा अध्यात्म के साथ राष्ट्रीयता की मुख्य धारा को बलवती बनाने की भी चर्चा रही।
काशी के लाजपत नगर में घरेलू हिंसा एवं नशे से 20 परिवारों को बचाने, शोधी खंड की रुदौली शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा गांव में सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने, मिर्जापुर के गोड़सर में स्वयंसेवकों के प्रयास से धर्मातरण रोके जाने जैसे सामाजिक सुधार की भी जानकारी प्रतिनिधि सभा को दी गई। प्रांत प्रचारक रमेश द्वारा प्रस्तुत किए गए वृत्त में बताया गया कि महाकुंभ में स्नानार्थियों की सेवा के लिए कुल 9745 स्वयंसेवकों ने विभिन्न सेवा कार्यों में योगदान करके लोगों की यात्रा को सुगम बनाया। 25 स्वयंसेवक देश के विभिन्न प्रान्तों से आने वाले श्रद्धालुओं को सही मार्ग बताने के लिए तीन प्रमुख पवों में सेवा में डटे रहे। प्रतिनिधि सभा में प्रांत के कुल 37 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
—हर गांव, हर बस्ती संपर्क अभियान
05 से 30 नवम्बर 2025 के मध्य तीन हफ्तों तक घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलेगा। गृह सम्पर्क अभियान में स्वयंसेवक अपने हाथों में पुस्तकें लेकर जायेंगे एवं सम्पर्क के साथ ही साथ साहित्य भी प्रदान करेंगे। वार्ता में पू०उ०प्र० क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष , राष्ट्रधर्म पत्रिका के निदेशक एवं सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकान्त, काशी विभाग प्रचारक नितिन , सह प्रान्त प्रचार प्रमुख अम्बरीष , विश्व संवाद केन्द्र काशी कार्यालय प्रमुख अमित , काशी दक्षिण भाग प्रचार प्रमुख रविकान्त भी मौजूद रहे।
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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी
