
•गांधीनगर में गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2025 का उद्घाटन
•तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रतिनिधि, लगभग 250 एग्जीबिटर्स, 6 कंट्री स्पेसिफिक राउंड टेबल, लगभग 7 पैनल डिस्कशन
गांधीनगर, 05 मार्च (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विजनरी लीडरशिप में सेमीकंडक्टर की ग्लोबल डिमांड सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के लिए सज्ज हो रहा है। पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में आयोजित गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2025 और एग्जीबिशन का उद्घाटन करते हुए इस संदर्भ में कहा कि आधुनिक विकास के इस युग में सेमीकंडक्टर के बिना किसी भी प्रकार के औद्योगिक विकास की कल्पना करना असंभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से सम्बद्ध अनेक स्टेट ऑफ द आर्ट फैसिलिटीज के साथ देश में सेमीकंडक्टर यूनिट्स की स्थापना के लिए पहली पसंद बना है। राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गांधीनगर में आयोजित 3 दिवसीय गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2025 तथा प्रदर्शनी में भारत सहित विभिन्न देशों के कुल 1500 से अधिक प्रतिनिधि तथा 250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी हो रहे हैं।
इस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में सेमीकंडक्टर तथा फैब क्षेत्र में निवेश से संबंधित 8 एमओयू किए गए, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन कॉम्पेडियम का अनावरण किया गया तथा धोलेरा में निर्मित होने वाले अस्पताल, इंटरनेशनल स्कूल एवं फायर स्टेशन का ई-शिलान्यास किया गया। पटेल ने उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) तथा ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की वैश्विक स्थिति दिन-प्रतिदिन सुदृढ़ होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात ने भारत सरकार के पैटर्न पर गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन कार्यरत कर सुदृढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चिंग इकोसिस्टम विकसित किया है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने डेडिकेटेड सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2022 में ही लागू कर दी है। इतना ही नहीं; गुजरात ने धोलेरा में सेमीकंडक्टर उद्योगों के विशाल विकास की संभावनाओं को पहचान कर प्लग एंड प्ले फैसिलिटीज के साथ धोलेरा का देश की प्रथम ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के रूप में विकास शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने गुजरात में एआई, एमएल व एनालिटिक्स जैसी टेक्नोलॉजी तथा उद्योग एवं स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी भी घोषित की गई है। उन्होंने इस पॉलिसी का विवरण भी दिया। भूपेंद्र पटेल ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में हाईटेक मैनपावर तैयार करने की दिशा में गुजरात के तेज गति से आगे बढ़े होने की भूमिका देते हुए कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, डायमंड, केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल्स, सिरामिक, रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में गुजरात वैश्विक केन्द्र बना है।
भारत में नीदरलैंड की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मौजूद क्षमताओं को उजागर कर गुजरात को भारत का सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में ‘गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस’ महत्वपूर्ण योगदान देगी। भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले जाने में सेमीकंडक्टर क्षेत्र बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच संबंध और अधिक मजबूत बन रहे हैं। भारत नीदरलैंड का सबसे विश्वासपात्र मित्र देश है। नीदरलैंड सेमीकंडक्टर उत्पादन का पावरहाउस है, जबकि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बना है। इसमें भी गुजरात की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये दोनों देश प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सहभागिता के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई क्रांति लाएंगे।
मुख्य सचिव पंकज जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुजरात पिछले अनेक वर्षों में देश के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ है। सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश की श्रेष्ठतम सुविधाएँ और विभिन्न औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप गुजरात आज सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बना है। धोलेरा सेमीकॉन सिटी तथा साणंद जीआईडीसी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि गुजरात सरकार ने धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर-सर) में सेमीकंडक्टर के अलावा अन्य उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। धोलेरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर ढाँचागत सुविधाएँ, अविरत बिजली आपूर्ति, गैस और जल आपूर्ति, धोलेरा को सुदृढ़ कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले एक्सप्रेस-वे, भीमनाथ रेलवे स्टेशन और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। कार्गो सुविधाओं के लिए एयरपोर्ट लगभग जुलाई-2025 तक कार्यरत हो जाएगा।
इस अवसर पर जेट्रो के चेयरमैन और सीईओ इशिगुरो नोरिहिको ने कहा कि एक विजनरी नेतृत्व में भारत और गुजरात का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। गुजरात के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में हमारी कंपनी जेट्रो भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। आज गुजरात के धोलेरा एसआईआर में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर उद्योगों के फलस्वरूप धोलेरा भविष्य में देश के महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में उभरेगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रधान सचिव मोना खंधार ने कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उद्देश्य, गुजरात में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और कॉन्फ्रेंस में दो दिनों के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य में सेमीकंडक्टर पॉलिसी जैसी अनेक पॉलिसियां लागू की गई हैं, जो गुजरात को देश का सेमीकंडक्टर हब बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर उद्योग क्षेत्र में नवाचार और सहयोग के अलावा वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के विषय में केन्स टेक्नोलॉजी के प्रबंध निदेशक रमेश कन्नन, जेबिल ग्लोबल बिजनेस यूनिट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट मेट क्रोली, इन्फिनियॉन टेक्नोलॉजीज एशिया पैसिफिक के प्रबंध निदेशक सी. एस. चुआ, सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन गिरीश चंद्र चतुर्वेदी, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गुरशरण सिंह, सेमी ग्लोबल के प्रेसिडेंट अजीत मनोचा और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ सुशील पाल ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अलावा टाटा इलेक्टॉनिक्स के प्रबंध निदेशक डॉ. रणधीर ठाकुर, पीएसएमसी के प्रेसिडेंट मार्टिन चू तथा हिमाक्ष टेक्नोलॉजीज के निदेशक जॉर्डन वु ने प्रेजेंटेशन दिया। समारोह में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एम.के. दास, भारत और गुजरात सरकार के उच्च अधिकारी, विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों के अलावा सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञ, उद्योगकार और निवेशक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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(Udaipur Kiran) / बिनोद पाण्डेय
