जम्मू 19 मार्च (Udaipur Kiran) । पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जम्मू भीम सेन टूटी, आईपीएस ने कठुआ और सांबा जिलों के हीरानगर सेक्टर में विभिन्न सीमा चौकियों (बीओपी) का व्यापक दौरा किया जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की परिचालन तैयारियों का आकलन किया गया।
इस दौरे में हीरानगर में बीपीपी सान्याल, चक्र, मावा, बब्बर नाला, शेरपुर और हरिया चक सहित प्रमुख स्थान शामिल थे। आईजीपी जम्मू ने इन महत्वपूर्ण चौकियों पर तैनात अधिकारियों और कर्मियों के साथ बातचीत की और सीमा पर किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा उपायों और तैनाती रणनीतियों की समीक्षा की। इस दौरे का उद्देश्य एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड सुनिश्चित करना और कर्मियों के सामने आने वाली किसी भी रसद या परिचालन चुनौतियों का समाधान करना था। समीक्षा के दौरान एसएसपी सांबा वीरेंद्र सिंह मन्हास, एसपी ऑपरेशन कठुआ नासिर खान और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
समीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों सहित निगरानी प्रणालियों की प्रभावशीलता की भी समीक्षा की गई। निर्बाध सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और बीएसएफ के बीच समन्वय और तालमेल को मजबूत करने पर महत्वपूर्ण जोर दिया गया। सड़कों, बाड़ लगाने और संचार नेटवर्क सहित सीमा बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
आईजीपी जम्मू ने चौबीसों घंटे सतर्कता और खुफिया जानकारी साझा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार से होने वाली शरारतों को रोकने के लिए सक्रिय उपायों की आवश्यकता दोहराई। चौकियों पर अधिकारियों को उभरते सुरक्षा खतरों और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नवीनतम घुसपैठ विरोधी रणनीतियों के बारे में जानकारी दी गई।
आईजीपी जम्मू ने चुनौतीपूर्ण इलाकों और कठोर मौसम की स्थिति में तैनात कर्मियों के समर्पण को स्वीकार किया और उन्हें संसाधनों के मामले में पूर्ण रसद सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के भी निर्देश दिए।
(Udaipur Kiran) / बलवान सिंह
