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जींद, 8 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार व ज्यादतियों के विरोध में सनातन रक्षा मंच के बैनर तले जिले के रविवार को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, एबीवीपी, आर्य समाज, गौरक्षा दल, जयति-जयति हिंदू संगठन, विमुक्त घुमंतू जनजाति कल्याण संघ, पूर्व सैनिक संघ, संत समाज सहित दर्जनभर से ज्यादा संगठनों द्वारा शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्टÑपति, प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
प्रदर्शन से पूर्व सभी सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता रानी तालाब स्थित नेहरु पार्क में एकत्रित हुए। यहां कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह संघचालक घनश्याम, जिला संघचालक तिलक, नगर परिषद की चेयरपर्सन अनुराधा सैनी, धर्मेश्वर गिरी, केवलानंद, परेश्मर गिरी, स्वामी सदानंद महाराज, योगी सुखदेव महाराज, श्याम नाथ, रोनक गिरी, सेवानिवृत्त कैप्टन आर.एस. रेढू ने अपने-अपने विचार रखते हुए कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर गंभीर अत्याचार हो रहे हैं। भारत देश के पड़ोसी देश बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को लोकतान्त्रिक तरीके से कुछ माह पहले चुनी हुई शेख हसीना सरकार पर उस देश के कुछ असामाजिक तत्वों, कट्टरपंथियों द्वारा अलोकतान्त्रिक तरीके से कब्जा कर लिया गया और प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना ही देश छोड़ अन्य देशों में शरण लेने के लिए भटकना पड़ा।
आरक्षण के नाम पर शुरू हुआ आंदोलन कट्टरपंथियों के हाथ में चला गया और धर्म के नाम पर दंगे भड़काये गए। वहां का अल्पसंख्यक समुदाय जैन, बौद्ध, सिक्ख, इसाई, हिन्दू सभी आज भी असुरक्षित व भयांकित हैं। वहां हो रहे दंगों में विशेषकर हिन्दुओं को निशाना बनाया गया है। इन हमलों से न केवल उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार खतरे में है, बल्कि यह एक गहरी मानवीय त्रासदी बन गई है। कार्यकारी सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। ऐसा लग रहा है कि वहां का प्रशासन कट्टरपंथियों के हाथ में हो। सेना व पुलिस प्रशासन अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने की बजाय कट्टरपंथियों का सहयोगी ही दिखाई दे रहा है। उन्होंने हिन्दुओं को एक होने का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदुओं को जाति में बंटकर अलग होने की बजाए एक होना होगा। ताकि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सके।
(Udaipur Kiran) / विजेंद्र मराठा
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