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-गांव वालों की समस्या को जानने के लिए नियुक्त न्यायमित्र को रिपोर्ट पेश करने के निर्देशनैनीताल, 9 दिसंबर (Udaipur Kiran) । हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा के ग्रामीणों द्वारा खड़िया खनन से उनके घरों में आई दरारों के संबंध में दायर याचिका पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में दो न्यायमित्र नियुक्त किए हैं, जो ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेंगे।
हाईकोर्ट ने डीएफओ बागेश्वर, राज्य स्तरीय पर्यावरण सुरक्षा प्राधिकरण और जिला खनन अधिकारी को पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमित्र ने कोर्ट को सुझाव दिया है कि खनन स्थलों पर राज्य स्तरीय पर्यावरण प्राधिकरण के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। ग्रामीणों ने अपनी याचिका में कहा था कि खनन के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं और वे विस्थापित होने को मजबूर हैं। प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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(Udaipur Kiran) / लता
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