
–आरोपित व पीड़िता की शादीशुदा खुशहाल जिंदगी के लिए आपराधिक केस रद्द
प्रयागराज, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग के अपहरण व बलात्कार के आरोप में चल रही कार्रवाई रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता व याची दोनों ने शादी कर ली है। बच्चा भी पैदा हो गया है। दोनों खुशहाल जीवन बिता रहे हैं।
पीड़िता अब बालिग हो चुकी है वह वैवाहिक जीवन बिताना चाहती है। उसे अपनी पसंद की जिंदगी जीने का पूरा अधिकार है। ऐसे में पीड़िता की मां द्वारा दर्ज आपराधिक केस चलाना सोद्देश्यपूर्ण नहीं है। अगर केस चलाया गया तो खुशहाल वैवाहिक जीवन टूट जायेगा। कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए कहा है कि पीड़िता खुशहाल वैवाहिक जीवन बिताये।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा ने मुरादाबाद के दीपक की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि उसकी धारा 311 की अर्जी विशेष जज पाक्सो मुरादाबाद ने निरस्त कर दी। जिसके तहत पीड़िता की आयु दस्तावेज सम्मन करने की मांग की गई थी। याची के खिलाफ पीड़िता की मां जहांआरा ने नागफनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। चार्जशीट के बाद ट्रायल चल रहा है। आरोपित और पीड़िता ने शादी कर ली है।
कोर्ट ने कहा बच्चा भी पैदा हो चुका है। दोनों खुशहाल हैं। अब आपराधिक केस चलाने का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे केस खत्म करने का आदेश दिया है। नाबालिग के साथ जीवन बिताने के कारण कथित आरोप धुल चुका है। केस चलाना कोर्ट समय की बर्बादी है। जिस पर कोर्ट ने केस कार्यवाही रद्द कर दी।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
