
जयपुर, 17 मार्च (Udaipur Kiran) । राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के परकोटे के हल्दियों के रास्ते सहित अन्य जगह पर आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों के चलते चिन्हित किए 19 भवनों को सील करने वाले अपने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही भवनों को सील करने वाले 25 फरवरी के आदेश पर रोक का आग्रह करने वाले प्रार्थना पत्रों को पक्षकारों की ओर से वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह व प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका में प्रभावित भवन मालिकों के प्रार्थना पत्रों पर दिया।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी पक्ष की ओर से अदालत से पूर्व आदेश पर रोक का आग्रह किया। इस पर खंडपीठ ने रोक से मना करते हुए कहा खंडपीठ अपने ही आदेश पर रोक कैसे लगा सकते हैं। प्रार्थी पक्ष चाहे तो अदालत के आदेश को वापस लेने के लिए आदेश करने वाली समान बेंच के समक्ष रिकॉल अर्जी लगा सकता है। वहीं खंडपीठ ने मामले की सुनवाई टाल दी। दरअसल इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रसंज्ञान लेने के बाद नगर निगम ने परकोटे के भवनों को लेकर तीन तरह की सूची बनाई थी। पहली सूची में उन 19 भवनों को शामिल किया गया था, जो पूरी तरह अवैध हैं। इस दौरान ही जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने 25 फरवरी को इन 19 भवनों को सील करने के आदेश दिए थे। सीजे की खंडपीठ ने 7 मार्च को मामले में अंतरिम रूप से यथा-स्थिति के आदेश दिए थे, लेकिन 10 मार्च को यथास्थिति का यह आदेश खंडपीठ ने खत्म कर दिया था। इसके चलते 25 फरवरी का आदेश प्रभावी हो गया था।
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(Udaipur Kiran)
