-सरकार ने विधानसभा में पेश की पांच साल की रिपोर्ट
चंडीगढ़, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । हरियाणा के युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में नशेड़ियों में हो रही वृद्धि ने हरियाणा को उड़ता हरियाणा बना दिया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों में एक लाख 84 हजार 64 नशेड़ी उपचार के लिए आए हैं। नशा करने वालों की वास्तविक संख्या इससे भिन्न हो सकती है।
नशे की चपेट में आने वालों में ज्यादातर की आयु 18 से 30 वर्ष है। हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान गुरुवार काे इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने प्रदेश में जिला स्तर पर नशा प्रभावित युवाओं की संख्या, उनके उपचार के प्रबंधों के बारे में पूछा। अर्जुन चौटाला ने कहा कि गांवों को नशा मुक्त घोषित करने के लिए क्या मानदंड है।
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान 11 हजार 395, वर्ष 2021-22 के दौरान 24 हजार 968, वर्ष 2022-23 के दौरान 45065, वर्ष 2023-24 के दौरान 50 हजार 429 तथा वर्ष 2024-25 के दौरान 52 हजार 207 युवा नशे की चपेट में आने के बाद उपचार के लिए आए हैं। सरकार के पास यह जानकारी नशा मुक्ति केंद्रों में पंजीकृत हुए युवाओं की है। इसके अलावा बाहरी युवाओं के संबंध में कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर माह औसतन 4350 तथा रोजाना करीब 143 युवा नशे की चपेट में आकर उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों को पीजीआई चंडीगढ़ के मनोचिकित्सा विभाग के माध्यम से ट्रेनिंग दी जा रही है। हरियाणा में अब तक 38 चिकित्सा अधिकारियों को छह माह की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है। पांच साल में नशे की लत से मुक्त हुए युवाओं की संख्या इस प्रकार है-
वर्ष नशा मुक्त हुए युवा-
2020-21 03947
2021-22 08570
2022-23 11439
2023-24 12051
2024-25 14621
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(Udaipur Kiran) शर्मा
