
-ताऊ देवीलाल बायोडायवर्सिटी पार्क में लगाया गया पुस्तक आदान-प्रदान मेला
-स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाइस चेयरमैन ने किया उद्घाटन
गुरुग्राम, 22 मार्च (Udaipur Kiran) । यहांताऊ देवीलाल बायोडायवर्सिटी पार्क में रमीता जैन और रूपाली के सौजन्य से नि:शुल्क पुरानी पुस्तकों का आदान-प्रदान मेला आयोजित किया गया। शनिवार को इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र मौजूद रहे। यह एक ऐसा मेला है, जहां आप पुरानी किताबें दे सकते हैं और नई किताबें ले जा सकते हैं।
मेले में पुस्तकों का आदान-प्रदान करते हुए सुभाष चंद्र ने कहा कि यह पहल न केवल पुस्तकों के प्रचार-प्रसार में मददगार साबित होगी, बल्कि इससे समाज में पढ़ाई की महत्ता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस तरह के आयोजनों के माध्यम से लोगों में किताबों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विशेषकर गरीब बच्चों को पढ़ाई में मदद मिलेगी। क्योंकि किताबें उन्हें इस प्रकार के आयोजनों से मिल सकेंगी। उन्होंने मेला आयोजन की इस अनूठी पहल के लिए आयोजकों की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि मार्च के महीने में बच्चों का रिजल्ट आ जाता है। बच्चे एक क्लास को पास कर अगली क्लास में प्रवेश करते हैं। इस दौरान उनके और उनके अभिभावकों के सामने बड़ी समस्या आती है कि जिस क्लास को पास कर चुके उसकी किताबों का क्या करें। साथ ही जिस क्लास में वह जा रहे हैं, उसकी किताबों के लिए बजट कहां से लाएं। जिसको मध्यनजर रखते हुए गुरुग्राम में बुक स्वैप कैंप लगाया गया।
बुक कैंप आयोजक रमिता जैन ने बताया कि इस कैंप में बच्चे अपनी पुरानी किताबें लाकर नई किताब ले जा सकते हैं। जिससे न ही सिर्फ उनकी पुरानी किताबें किसी दूसरे छात्र को मिल सकेंगी, बल्कि वह खुद भी अपनी अगली क्लास की किताबें पाकर पढ़ाई कर सकते हैं। जिस मां-बाप की जेब पर भी असर नहीं पड़ेगा।
आयोजक रूपाली कसेरा ने बताया कि यह कैंप 2 दिन के लिए लगाया गया है। रविवार को शहर सेक्टर-4 में इस कैंप को लगाया जाएगा।
इस अवसर पर अशोक भारद्वाज, एडवोकेट ओमवीर, कुलदीप, मुकेश, हरपाल पहलवान, पार्षद विजय पाल, रूपा, भावना, लक्की गुप्ता, रूपाली कसेरा, करिश्मा जैन, अपर्णा रानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने इस अनूठे मेले की सराहना करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। इस मेले का उद्देश्य पुरानी किताबों को एक दूसरे से साझा करने और ज्ञान का प्रसार करने का था। उपस्थित लोगों ने इस पहल को सराहा और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों के आयोजन की उम्मीद जताई।
(Udaipur Kiran)
