
-डीजीसी से राय लेकर पारिवारिक पेंशन देने से किया था इंकार
प्रयागराज, 20 मार्च (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएसए बिजनौर पर पांच हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। इन्होंने डीजीसी सिविल की विधिक राय के अनुसार बिना विवेक का इस्तेमाल किये अकारण पारिवारिक पेंशन देने से इंकार कर दिया था।
कोर्ट ने कहा बीएसए को सकारण आदेश देना चाहिए न कि डीजीसी की राय पर। कोर्ट ने ऐसे आदेश को कायम रहने लायक न मानते हुए रद्द कर दिया और बीएसए बिजनौर को नये सिरे से नियमानुसार एक माह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने गुलनार की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची के पति शफीकुर्रहमान उच्च प्राथमिक विद्यालय करनपुर गांवड़ी, बिजनौर में कार्यकारी प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए और मृत्यु तक पेंशन पाते रहे। मृत्यु के बाद याची जो दूसरी बीबी है उसने पारिवारिक पेंशन की मांग की। मृतक ने पहली बीबी से तलाक के बाद दूसरी शादी की थी और सर्विस रिकार्ड में नाम दर्ज कराया था। इसके बावजूद दूसरी बीबी होने के कारण पारिवारिक पेंशन देने से इंकार कर दिया गया। जिसे चुनौती दी गई थी।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
