Haryana

फरीदाबाद नगर निगम बनाएगा पेट पार्क : निगमायुक्त

पेट ( डॉग) पार्क का फाइल फोटो

एनिमल बर्थ कंट्रोल यूनिट की भी बढ़ाई जाएगी क्षमताजल्द चिन्हित की जाएगी यूनिट लगाने के लिए जगह फरीदाबाद, 1 अप्रैल (Udaipur Kiran) । नगर निगम फरीदाबाद की तरफ़ से पीपल फॉर एनिमल्स ट्रस्ट फरीदाबाद द्वारा संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम ने हाल के महीनों में लगभग 2000 नसबंदी सर्जरी पूरी की गई हैं, जिससे शहर में सडक़ पर रहने वाले कुत्तों की आबादी के नियंत्रण और रेबीज उन्मूलन में मदद मिल रही है। निगम कमिश्नर ए मोना श्रीनिवास ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह एनजीओ जनता की शिकायतों के आधार पर विभिन्न जोन से कुत्तों को पकडक़र उनकी नसबंदी कर रहा है, जिसमें सफल सर्जरी , रेबीज टीकाकरण, के साथ पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल भी शामिल है। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया ने न केवल एमसीएफ में जनता का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि नसबंदी के महत्व को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई है। इस कार्यक्रम का प्रभाव केवल पशु कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशु चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक ज्ञान केंद्र भी बन गया है। अब हरियाणा और आसपास के राज्यों से पशु चिकित्सक इस यूनिट में आकर नसबंदी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल सीख रहे हैं। पहले पशु चिकित्सकों को उन्नत प्रशिक्षण के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब हमारा यूनिट उन्हें यहाँ सीखने के लिए आकर्षित कर रहा है। इस यूनिट में डॉ. दक्ष वर्मा, जैसे प्रमुख पशु चिकित्सक कार्य कर रहे हैं । इस कार्यक्रम की सफलता में निगम आयुक्त ए मोना श्रीनिवास सहित निगम के समर्पित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो जनस्वास्थ्य और पशु कल्याण को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस मजबूत कार्यप्रणाली को संभव बनाने में एमसीएफ के अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता और दूरदृष्टि का अहम योगदान है, जो पशु कल्याण और जनस्वास्थ्य को महत्व दे रहे हैं, निगम द्वारा यह कार्य सुश्री वृंदा, प्रमुख, पीपल फॉर एनिमल्स ट्रस्ट फरीदाबाद को दिया गया था जो बेहतर तरीके से इस कार्य को के रही हैं । आगे की योजना के तहत, एमसीएफ इस कार्यक्रम की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है ताकि नसबंदी अभियान को और मजबूत किया जा सके। इसके अलावा, एमसीएफ फरीदाबाद का पहला डॉग पार्क विकसित करने की योजना पर चर्चा कर रहा है। इस पार्क में वॉकिंग ट्रैक्स, खेल का मैदान, पालतू कुत्तों के लिए विशेष झूले और अन्य आकर्षक सुविधाएँ शामिल होंगी। यह पहल पालतू जानवरों के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान प्रदान करेगी, जहाँ उनके मालिक कुत्तों को उचित व्यायाम और समाजिकरण (सोशलाइजेशन) का अवसर मिले। यह पार्क पशु कल्याण में सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा देगा, जिससे शहर में एक समावेशी और जिम्मेदार पालतू-मैत्रीपूर्ण वातावरण विकसित हो सकेगा।

(Udaipur Kiran) / -मनोज तोमर

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