Madhya Pradesh

संपूर्ण देश में हो रहा संघ कार्य का विस्तार

मध्यभारत प्रांत के संघचालक अशोक पाण्डेय की पत्रकारवार्ता

भोपाल, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । मध्यभारत प्रांत के संघचालक अशोक पाण्डेय ने मंगलवार को भोपाल में पत्रकारवार्ता में बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधिसभा हुए निर्णय एवं अन्य विषयों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संघ कार्य का संपूर्ण देश में विस्तार हो रहा है। प्रतिनिधिसभा में सरकार्यवाहजी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि संपूर्ण देश में 51,570 स्थानों पर प्रतिदिन कुल 83,129 शाखाएं संचालित की जाती हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10,000 से अधिक हैं, गत वर्ष यह संख्या 73,646 थी।

प्रतिवेदन में बताया गया कि साप्ताहिक मिलन में पिछले वर्ष की तुलना में 4,430 की वृद्धि हुई है, जहां शाखाओं और मिलन की कुल संख्या 1,15,276 है। संघ अपने शताब्दी वर्ष के दौरान कार्य के विस्तार की दिशा में काम कर रहा है, उसमें ग्रामीण मंडलों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। संघ ने संगठनात्मक योजना के तहत देश को 58,981 ग्रामीण मंडलों में विभाजित किया है, जिनमें से 30,717 मंडलों में दैनिक शाखाएँ और 9,200 मंडलों में साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सरसंघचालक जी ने कार्यकर्ताओं से संघ कार्य विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए दो वर्ष का समय देने का आह्वान किया था, जिस पर 2,453 स्वयंसेवकों ने संघ कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए स्वयं को समर्पित किया। एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह कि संघ कार्य में युवाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।

हर वर्ष लाखों युवा, विशेषकर 14-25 आयु वर्ग के संघ से जुड़ रहे हैं। देश भर में कुल 4,415 प्रारंभिक वर्ग आयोजित किए गए। इन वर्गों में 2,22,962 स्वयंसेवक शामिल हुए, जिनमें से 1,63,000 स्वयंसेवक 14-25 आयु वर्ग और 20,000 से अधिक स्वयंसेवक 40 वर्ष से अधिक आयु के थे। संघ वेबसाइट (www.rss.org) पर ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से साल 2012 से अब तक 12,72,453 से अधिक लोगों ने संघ से जुड़ने में रुचि दिखाई है, जिनमें से 46,000 से अधिक महिलाएं हैं। ऐसी हजारों महिला कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में संघ की विभिन्न गतिविधियों में कार्य कर रही हैं।

प्रतिवेदन में राष्ट्रीय परिदृश्य का विश्लेषण:

सरकार्यवाहजी के प्रतिवेदन में महाकुंभ का भी उल्लेख आया है। महाकुम्भ के दौरान संघ से प्रेरित अनेक संस्थाओं और संगठनों ने विभिन्न प्रकार के सेवा, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और वैचारिक आयोजन किए। ‘सक्षम’ द्वारा आयोजित नेत्र कुम्भ में महाकुम्भ में आने वाले लोगों के लिए निशुल्क नेत्र परीक्षण, चश्मे का वितरण तथा आवश्यकता पड़ने पर मोतियाबिंद की सर्जरी की व्यवस्था की गई। निःशुल्क नेत्र परीक्षण से 2,37,964 लोगों ने लाभ उठाया, जबकि 1,63,652 लोगों को निःशुल्क चश्में तथा 17,069 लोगों ने निःशुल्क मोतियाबिंद की सर्जरी करवाई। 53 दिनों तक चले सेवा कार्य में 300 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों तथा 2800 कार्यकर्ताओं ने काम किया।

पर्यावरण संरक्षण गतिविधि ने कुम्भ को थर्मोकोल प्लेट या पॉलीथिन बैग मुक्त बनाने के लिए अनेक संगठनों के सहयोग से ‘एक थाली-एक थैला अभियान’ चलाया। अभियान के तहत देशभर में स्टील प्लेट तथा कपड़े के थैलों का बड़ी संख्या में संग्रह किया गया। कार्यकर्ताओं ने 2241 संस्थाओं के सहयोग से 7258 केंद्रों पर कुल 14,17,064 प्लेटें और 13,46,128 थैले एकत्रित किए, जिन्हें कुम्भ के विभिन्न पंडालों में वितरित किया गया। यह अभियान अपने आप में एक अनूठा प्रयोग था और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने तथा स्वच्छ कुम्भ के विचार को जन-जन तक पहुँचाने में सफल रहा।

(Udaipur Kiran) तोमर

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