शिमला, 21 मार्च (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल सात पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं, जिनमें कांगड़ा, पालमपुर, ऊना, मंडी और शिमला शामिल हैं। यह सभी केंद्र शिमला स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधीन कार्यरत हैं।
विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि पहले चंबा में भी एक पासपोर्ट सेवा केंद्र था, लेकिन बाद में उसे कांगड़ा स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चंबा में फिर से पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी।
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्राइडल पाथ के निर्माण के लिए 36 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे जारी नहीं किया जा सका। अब चालू वित्त वर्ष में इस राशि को जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कुटलेहड़ के विधायक विवेक शर्मा के सवाल पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जानकारी दी कि उनके क्षेत्र में 18 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना थी, लेकिन यह भूमि अनुपयोगी पाई गई। अब इस दिशा में नए सिरे से कार्ययोजना बनाई जाएगी।
विधानसभा में विधायक सुखराम चौधरी ने सवाल उठाया कि उनके क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार ने 29.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन अभी तक इस राशि से कोई कार्य नहीं हुआ।
इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र से मिली इस राशि के उचित उपयोग के लिए डीसी सिरमौर को निर्देश देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधायक ने इस योजना के तहत बजट लाया है, तो जल्द ही क्षेत्र में सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे।
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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा
